विधायक का बेतुका बयान- मैं सांसद होता तो उल्टा लटका देता

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । नाबालिक बच्चों की तस्करी को लेकर जिस तरह से जनपद सोनभद्र सुर्खियों में उससे न सिर्फ बाल संरक्षण विभाग चिंतित है बल्कि क्षेत्रीय विधायक की राजनीतिक जमीन भी खतरे में नजर आने लगी है । आदिवासी समुदाय से ताल्लुख रखने वाले दुद्धी विधायक हरिराम चेरो को अब लगने लगा है कि 2022 विधान सभा चुनाव के पहले यदि वे अपने समुदाय के लिए कुछ नहीं किया तो वे न तो घर के रहेंगे और न ही घाट के। शायद यहीं कारण है कि जिला योजना की बैठक में पहुंचे दुद्धी विधायक हरिराम चेरो बैठक को बीच में ही छोड़कर बाहर निकल लिए। मीटिंग छोड़ बाहर निकलने के बाद हरिराम चेरो बिल्कुल फायरब्रांड नेता की तरह नजर आए। वो सीएम से लेकर स्थानीय सांसद और विधायकों पर जमकर बरसे।

दरअसल सूबे का सबसे पिछड़ा मगर सबसे ज्यादा राजस्व देने के मामले में पूरे प्रदेश में अपना दूसरा स्थान रखने वाला जनपद सोनभद्र इन दिनों बाल मजदूरों की तस्करी को लेकर खासा चर्चा में है। सोनभद्र के कई इलाकों में आदिवासी अपनी दो जून की रोटी जुगाड़ करने में असमर्थ हैं और इसी का फायदा बाहरी दलाल उठाते हैं। जो उन आदिवासी बच्चों को बहला-फुसला कर नौकरी देने के नाम पर गैर प्रान्तों में ले जाकर बेच देते हैं या फिर एक मुश्त पैसा लेकर दलाल बच्चों को सौप देते हैं । हाल के दिनों में ऐसे ही दर्जनों बच्चे रेस्क्यू कर वापस मंगाये गए।

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बाल संरक्षण विभाग का कहना है कि यह कोई नया नहीं है, पूरे साल भर में लगभग 35 बच्चों को रेस्क्यू कर वापस मंगाया जा चुका है।

जहाँ सरकार के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री व जिले के प्रभारी सतीश द्विवेदी का मानना है कि यह 70 सालों का पाप है।

वहीं भाजपा के सहयोगी दल अपना दल के दुद्धी विधायक हरिराम चेरो का मानना है कि बाल तस्करी के लिए यहां के जनप्रतिनिधि से लेकर सीएम तक जिम्मेदार हैं।

विधायक हरिराम चेरो ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि सोनभद्र में सरकारी से लेकर गैर सरकारी कारखानों में यहां के मजदूरों को काम इसलिए नहीं मिल पाता क्योंकि यहां के जनप्रतिनिधि कम्पनियों में जाकर पैरवी करने के बजाय वहां मुर्गा व अंडाकारी खाने में ही व्यस्त हो जाते है।

विधायक का कहना है कि यहां के सांसद व विधायक इस बात से लेकर खुश है कि उनके सामने अधिकारी आवभगत करने लिए हाथ जोड़े खड़े रहते हैं।

फायरब्रांड विधायक ने सीएम तक को नहीं बख्शा, बेरोजगारी के मुद्दे पर सीएम योगी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि सीएम का मानना है कि बड़े उद्योगपति क्षेत्र में रोजगार देने के लिए इंडस्ट्रीज नहीं लगाते, सिस्टम से रखते हैं।

दुद्धी विधायक ने तो यहां तक कह दिया कि यदि वे सांसद होते तो न सुनने वाले अधिकारियों को उल्टा लटका देते, ताकि मजदूरों को बाहर काम खोजने नहीं जाना पड़ता।

बहरहाल जहां एक तरफ़ पीएम मोदी वोकल फॉर लोकल का नारा दे रहे हैं वहीं सोनभद्र से दुद्धी विधायक हरिराम चेरो ने जिस तरीके से सरकार व उनके सांसद व विधायकों की पोल खोल दी, ऐसे में यह कहा जा सकता है कि सरकार भले ही मंच व सोशल मीडिया के माध्यम से बड़ी-बड़ी बाते करती हो मगर सच्चाई तो हकीकत से कोसों दूर होती है।



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