विभिन्न मांगों को लेकर भाकपा माले ने घोरावल तहसील गेट पर किया धरना-प्रदर्शन

राजकुमार गुप्ता (संवाददाता)

घोरावल । कृषि कानूनों की वापसी, रोजगार, पेयजल, आवास, आवासीय पट्टे आदि मांगों को लेकर भाकपा माले एवं अखिल भारतीय किसान महासभा के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को घोरावल तहसील मुख्यालय गेट पर धरना प्रदर्शन किया। भाकपा माले ने राज्य सचिव सुधाकर यादव के नेतृत्व में जब तहसील मुख्यालय पहुंचे। कार्यकर्ताओं को तहसील का मुख्य गेट बंद कर वहीं रोक दिया गया। जिससे वे लोग गेट पर ही प्रदर्शन किये।जानकारी मिलने पर तहसील गेट पर पहुंचे उपजिलाधिकारी जैनेंद्र सिंह को राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी लेलिनवादी भाकपा माले की ओर से विभिन्न प्रकार की मांगों को लेकर एक दिवसीय प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। धरने में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए भाकपा माले के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने कहा कि वर्तमान सरकार सरकारी संपत्ति को अंबानी के हवाले कर रही है। चंद कारपोरेट घरानों के हाथ बिकी वर्तमान सरकार खेती किसानी को भी कारपोरेट घरानों के हवाले कर रही है। लगभग 70 दिनों से कृषि विरोधी तीन काले कानून के खिलाफ किसान दिल्ली को घेर कर बैठे हैं। सरकार किसानों की बात मानने के बजाय उनका दमन कर रही है। किसानों के साथ दुश्मन तरीके का व्यवहार अपनाया जा रहा है। जिला सचिव व राज्य कमेटी के सदस्य शंकर कोल ने कहा कि प्रदेश में अघोषित आपातकाल की स्थिति बनी हुई है। सामान्य धरना प्रदर्शन पर भी रोक लगा दी गई है। पार्टी कार्यकर्ताओं पर फर्जी मुकदमें गुंडा एक्ट की कार्रवाई की जा रही है। यह लोकतंत्र के लिए बेहद शर्मनाक है।

भाकपा के घोरावल तहसील के सचिव सुरेश कोल ने कहा कि आजादी के 73 वर्ष बाद भी आदिवासी समाज न्यूनतम सुविधाओं से वंचित है। जनपद में रोजगार पेयजल का भारी संकट है। बड़े पैमाने पर मनरेगा मजदूरों की मजदूरी बकाया है। इस दौरान प्रेम शंकर भारती, नोहर भारती, राजदेव गोड़, विजय बलिकरन,शीतला ,श्यामलाल ,तेज बहादुर ,मोहन आदि लोगों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस के जवान मौजूद रहे।



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