सरकार की निजीकरण नीति के खिलाफ बिजलीकर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर किया प्रदर्शन

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । केन्द्र सरकार/वित्त मंत्री द्वारा 1 फरवरी को पेश हुए आम बजट सत्र में बिजली ट्रांसमीशन लाइनों के निजीकरण एवं वितरण में कई कम्पनियों को लाने के प्राविधान के विरोध एवं अन्य प्रमुख समस्याओं के समाधान के समर्थन में बिजली कर्मचारियों ने सांकेतिक कार्य बहिष्कार करते हुए धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया।

वहीं उत्पादन, परेषण व सिस्टम ऑपरेशन में पाली में कार्य करने वाले कर्मी सांकेतिक कार्य बहिष्कार से अलग रहे।

मुख्य मांगें

● इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल-2020 एवं विद्युत वितरण के निजीकरण हेतु लाये जा रहे स्टैन्डर्ड बिडिंग डॉकुमेंट को किया जाय निरस्त

● निजीकरण की केन्द्र शासित प्रदेशों चंडीगढ़ व पुडुचेरी या अन्य किसी भी प्रान्त में चल रही प्रक्रिया ली जाय वापस

● ग्रेटर नोएडा का निजीकरण व आगरा का फ्रेंचाइजी कराकर किया जाय रद्द

● सभी ऊर्जा निगमों को एकीकृत कर उत्पादन, पारेषण व वितरण को एक साथ रखते हुए केरल के एसईबी लि0 व हिमाचल प्रदेश के एचपी0 एसईबी लि0 की तरह उप्र में भी यूपीएसईबी लि0 किया जाय गठित

● सभी बिजली कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन योजना वर्ष 2000 से की जाय लागू

● नियमित पदों पर की जाए नियमित भर्ती

● सभी रिक्त पदों विशेषतया क्लास-3 व क्लास-4 के सभी रिक्त पद भरे जाए एवं संविदा /निविदा कर्मचारियों को तेलंगाना की तरह किया जाय नियमित

● सभी संवर्गों की वेतन विसंगतियों को किया जाय दूर

● सभी संवर्गों को तीन पदोन्नत पदों का समयबद्ध दिया जाय वेतनमान

कार्य बहिष्कार में ई0 सर्वेश कुमार सिंह, ई0 विरेश कुमार सिंह, ई0 एस0के0 सिंह, ई0 अभिषेक कौशल, ई0 रामेन्द्र पोण्डेय, सत्यप्रकाश, सुजीत पाठक, सिद्धार्थ मौर्या, विनोद कुमार, रंजन शर्मा, अशीष कुमार, दीपक प्रजापति, शिवनन्दन सिद्धनाथ, जितेश मौर्या ई0 विजय सिंह, ई0 ईश्वर चन्द, ई0 अशोक कुमार, ई0 संजय सिंह विभिन्न संगठनों के सैकड़ों पदाधिकारी एवं सदस्यगण उपस्थित रहे।



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