भाजपा ने बजट को सराहा तो विपक्ष ने बताया देश व किसान विरोधी

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 2021-2022 के लिए आम बजट संसद में पेश किया। यह बजट पूरी तरह से पेपरलेश रहा, वित्त मंत्री ने पूरा बजट टेबलेट के सहारे ही पेश किया। बजट पेश होने के बाद अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर चुनौतियों का सामना कर रही सरकार के दूसरे बजट पर विपक्ष ने हमला बोलते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। हालांकि भाजपा ने बजट की सराहना की है।

सोनभद्र में भी बजट के बाद प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गयी।

सपा के पूर्व घोरावल विधायक रमेश चन्द्र दुबे ने कहा कि “यह बजट पूरी तरह से देश और किसान विरोधी बजट है। देश नहीं बिकने दूंगा’ का दावा करने वाले एक-एक करके देश के सभी बड़े सरकारी उपक्रमों को बेचने में लगे हैं। यह आम बजट न होकर उद्योगपति को फायदा पहुँचाने वाला बजट है। उन्होंने कहा कि जहाँ सरकार ने डीजल, पेट्रोल के दामों में वृद्धि कर के मँहगाई को पंख लगा दिया है वहीं सेस लगाकर इन्होंने मंहगाई रूपी आग में घी भी डाल दिया है।”

बजट को लेकर यूथ कांग्रेस प्रदेश महासचिव धीरज पांडेय ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “इस बजट ने देश के किसानों और नौजवानों को निराश किया है। एक तरफ सरकार खुद स्वीकार करती है कि नई पीढ़ी सबसे ज्यादा है, लेकिन नई पीढ़ी के सपनों को पूरा करने के लिए क्या है इनके पास। कहां है नौकरी और इन्वेस्टमेंट? सरकार देश को निजीकरण की तरफ झोंकने का काम कर रही है।”

वहीं भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक मिश्रा ने कहा कि “इस बजट के लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई देता हूँ । यह विकास उन्मुख और किसान समर्थक बजट है। यह बजट अर्थव्यवस्था को और मजबूत करेगा।”

यह कोई नया नहीं है कि बजट के बाद हमेशा से विपक्ष उस पर टिप्पणी करता रहा है लेकिन जिस तरह से 2021-22 का बजट पेश किया गया वह आगे चलकर कितना सार्थक हो पाता है यह तो कुछ महीनों बाद ही पता चल सकेगा लेकिन इस बजट में जिस तरह से लोग किसानों के मुद्दे पर उम्मीद जता रहे थे वैसा नहीं दिखा।



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