कृषि बिल को वापस करने की मांग को लेकर जअपा ने उप जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । आज जन अधिकार पार्टी ने महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश उपाध्यक्ष उमा कुशवाहा की मौजूदगी में एसडीएम सदर को कृषि बिल को काला कानून बताते हुए इसे तत्काल वापस किए जाने एवं सरकार की जन विरोधी नीतियों के विरुद्ध राष्ट्रपति एवं राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा।

इस दौरान महिला प्रकोष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष उमा कुशवाहा ने कहा कि “सरकार इस काले कृषि बिल के माध्यम से किसानों को लाचार एवं गुलाम बनाना चाहती है। इस काले कृषि बिल से किसानों को नहीं बल्कि पुंजिपतियों और उद्योगपतियों को लाभ होगा।
सरकार किसानों की बात सुन ही नहीं रही बल्कि पुलिस के दम पर किसानों के आंदोलन को समाप्त करना चाहती है जो स्वस्थ्य लोकतंत्र में ठीक नही है।”

वहीं मण्डल अध्यक्ष भागीरथी सिंह मौर्य एवं जिलाध्यक्ष आदित्य मौर्य ने बताया कि “इस भीषण ठंड में किसान कई सप्ताह से ट्रैक्टर-ट्रालियों पर धान लेकर सरकारी क्रय केंद्रों पर खड़े हैं। क्रय केंद्रों पर न तो पर्याप्त काटा है और ना ही बोरा है। धान का तौल काफी धीमी गति से हो रहा है, किसानों को कड़ाके के ठंड में क्रय केंद्रों पर रात बिताने में काफी मुश्किलोंक सामना करना पड़ रहा है। वहीं क्रय केंद्रों के कर्मचारियों द्वारा किसानों के साथ गाली गलौज एवं दुर्व्यवहार किया जा रहा है, जो बर्दास्त करने योग्य नहीं है। किसानों के हाइब्रिड धान की खरीद नहीं की जा रही है जिसे तत्काल खरीदा जाए। क्रय केंद्र प्रभारी द्वारा बिचौलियों को प्राथमिकता देते हुए मनमाने ढंग से धान की खरीदारी की जा रही हैं, जिससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है।”

जन अधिकार पार्टी ने मांग किया कि यदि समय रहते किसानों का धान नही खरीदा गया तो व्यापक स्तर पर जन आंदोलन किया जाएगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

इस मौके पर जिला महासचिव रविरंजन शाक्य, प्रदीप मौर्य, मोतीलाल मौर्य, नागेंद्र सिंह, शिवजी सिंह, विजय कुमार, एड0 चन्द्रगुप्त मौर्य, श्रीकृष्ण सिंह, प्रेमनाथ सिंह, बहादुर सिंह, बिजय मौर्या, देव कुमार गुप्ता सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।



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