भारतीय जनमानस में कुश्ती का विशेष महत्व : बीएल फ़ौजी

राकेश यादव रौशन (संवाददाता)

* नादी गांव में अंतर जनपदीय कुश्ती प्रतियोगिता सम्पन्न

चहनियां । कुश्ती भारतीय में प्राचीन काल से ही भारतीयों का पसंदीदा खेल रहा है। बहुत से भारतीय पहलवानों ने राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुश्ती कला के माध्यम से भारत का परचम फहराया है। इसलिए भारतीय जनमानस में कुश्ती का विशेष महत्व है। यह कहना है पूर्व सैनिक और जिला पंचायत सेक्टर नम्बर एक चहनियां के प्रत्याशी बीएल यादव फ़ौजी के। वे रविवार को क्षेत्र के नादी गांव के हनुमानगढ़ी में आयोजित अंतर जनपदीय कुश्ती प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि के पद से बोल रहे थे।
उन्होंने आगे कहा कि गांव की मिट्टी में बड़ी ताकत है। गांव के अखाड़ों से पहलवानों की नर्सरी तैयार होती है। विशिष्ट अतिथि प्रधानमंत्री जनकल्याण योजना के प्रसार प्रचार के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व लोकसभा प्रत्याशी चन्दौली सैयद सरफराज पहलवान ने कहा कि अनेक युवा आज कुश्ती को कैरियर के रूप में लेकर खेल कोटे से सरकारी पदों की शोभा बढ़ा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि जीतने भी पहलवान हुए हैं, उनमें से ज्यादातर का संबंध गांव की मिट्टी से रहा है। जरूरत इस खेल को आगे बढ़ाकर गांव की प्रतिभाओं को तराशने की है।

विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा तीन बार पुरस्कृत राकेश यादव रौशन ने कहा कि चन्दौली जनपद में खिलाड़ियों के लिए एक भी स्टेडियम नहीं है। गांव में पहलवानों को अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुरूप गद्दा पर कुश्ती का प्रशिक्षण नहीं दिया जाता है। जिसके कारण विदेशों में भारतीय पहलवान पिछड़ जाते हैं। अतः ग्रामीण पहलवानों को भी अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुरूप ट्रेनिंग दी जानी चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता हनुमानगढ़ी मठ के महंत गुड्डू महाराज ने, संचालन एडवोकेट शोभनाथ यादव ने जबकि धन्यवाद ज्ञापन आयोजक शोभा पहलवान ने किया।
इस अवसर पर अंगद यादव, अर्जुन यादव, अच्छेलाल यादव, धनंजय यादव, सुदर्शन यादव, अरविंद सिंह, संदीप मौर्या, नरसिंह यादव आदि लोग उपस्थित थे।



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