सीएम के आदेश के बाद भी स्वास्थ्य विभाग बेलगाम, जांच के नाम पर अवैध वसूली व उत्पीड़न करने का वीडियो वायरल

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

पहले खुद बनाते हैं दबाव, फिर ड्राइवर भेजकर करवाते हैं वसूली

● स्वास्थ्य विभाग का एक अधिकारी खुद को सत्ताधारी दल के विधायक का बताता है रिश्तेदार

● स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम से सब त्रस्त

● हुई जांच तो सामने आ सकता है कई बेनामी संपत्ति

सोनभद्र । अभी हाल ही में सीएम योगी ने नौकरशाहों पर लगाम लगाने के लिए एक ट्वीट कर कहा कि यदि कोई अधिकारी किसी लाभार्थी से पैसा मांग रहा है तो उसकी शिकायत स्थानीय सांसद विधायक से कर सकते हैं साथ ही शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी डालें, ताकि उस घूसखोर अधिकारी की जांच कराकर सम्पत्ति को कुर्क किया जा सके। लेकिन सोनभद्र में अधिकारी से लेकर कर्मचारी गिरोह बनाकर वसूली करने में मस्त हैं और उनका कोई कुछ कर पा रहा, वहीं बेखौफ़ तरीक़े से गिरोह पूरे जनपद में अपनी वसूली से आतंक मचा रखा है।

मामला स्वास्थ्य विभाग का है। स्वास्थ्य विभाग का यह गिरोह इन दिनों मेडिकल स्टोर से लेकर अवैध अस्पताल में जाकर जांच के नाम पर अवैध वसूली करने में लगा हुआ है। ऐसा ही वीडियो जनपद न्यूज Live के हाथ लगा, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि किस तरह एक स्वास्थ्य अधिकारी अपने साथ कुछ संविदा कर्मियों को लेकर गिरोह बनाकर अवैध वसूली करवा रहा है। जनपद न्यूज live के हाथ लगी महत्वपूर्ण वीडियो क्लिप में साफ देखा जा सकता है कि कैसे उक्त स्वास्थ्य कर्मी पहले दबाव बनाते हैं और फिर अपने ड्राइवर को भेजकर वसूली करवाते हैं।

सूत्रों की माने तो गिरोह में शामिल स्वास्थ्य अधिकारी खुद को एक सत्ताधारी दल के विधायक का रिश्तेदार बताता है। यहीं कारण है कि उक्त स्वास्थ्य अधिकारी बेखौफ तरीके से अपने काम को अंजाम दे रहा है और उसका कोई कुछ नहीं कर पा रहा।

जहां एक तरफ सीएम योगी ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही के साथ उनकी संपत्ति की जांच व कुर्क करने की बात कह रहे हैं। वहीं सोनभद्र में अवैध वसूली में लिप्त स्वास्थ्य अधिकारी व उनके गिरोह में शामिल संविदा कर्मी लगातार बेशकीमती जमीन भी खरीद रहे हैं।

जनपद सोनभद्र में वैध पैथलॉजी की बात करें तो विभाग के मुताबिक पूरे जनपद में उनकी संख्या मात्र 17 है। वहीं पूरे जनपद में 52 नर्सिंग होम व 28 क्लिनिक रजिस्टर्ड हैं। लेकिन जो आंकड़े स्वास्थ्य विभाग बताता है उतना तो लगभग हर बड़े क्षेत्र में ही देखने को मिल जाएगा। यानी स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के बाद बाकी सभी अवैध है। यह वह आंकड़ा है जिससे विभाग में लगे जांचकर्ता जांच के नाम पर अवैध वसूली करते हैं।

बहरहाल कुल मिलाकर अवैध पैथालॉजी से लेकर अवैध नर्सिंगहोम व क्लिनिक का खेल कोई नया नहीं है लेकिन जिस तरह से सीएम योगी द्वारा लगातार चेतावनी दिए जाने के बाद भी सोनभद्र में यह खेल नहीं रुक रहा यह बड़ी बात है। शायद यही कारण है कि सीएम योगी को भी ट्वीट कर यह कहना पड़ा कि यदि कोई अधिकारी लाभार्थियों से पैसा मांगता है तो उसकी शिकायत करें। सीएम ने शिकायत के लिए विधायक व सांसदों के पास जाने को भी कहा है। लेकिन सवाल यह उठता है कि जब वसूली करने वाला अधिकारी खुद को विधायक का रिश्तेदार बता रहा है तो आखिर शिकायत कर्ता करे तो क्या करे।



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