काचन गाँव में जमीन के फर्जी पट्टे का मामला गरमाया, जांच में हो सकते हैं कई बड़े खुलासे

आनंद कुमार चौबे/रमेश यादव (संवाददाता)

ग्रामीण बोले- नाम छिपाने के लिए बेटी के नाम करा दिया पट्टा

एडीएम ने मांगा था एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट

जांच की समय सीमा समाप्त, कभी भी आ सकती है रिपोर्ट

सोनभद्र । म्योरपुर के काचन गांव में फर्जी पट्टा किये जाने के मामले में जाँच अंतिम दौर में है। एसडीएम दुद्धी ने पूरे मामले की जाँच तहसीलदार को दिया है।चूंकि एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह ने इस पूरे मामले में एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट तलब की है। 21 जनवरी 2021 को जारी पत्र के अनुसार आज एक सप्ताह पूर्ण हो चुका है ऐसे में माना जा रहा है कि कभी भी कांचन गाँव में जमीन का फर्जी पट्टा किये जाने की रिपोर्ट आ जायेगी। सूत्रों की माने तो जांच में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं ।

काचन गाँव में हुए पट्टे का मामला लोगों के लिए इसलिए और दिलचस्प हो गया है क्योंकि लोगों की जानकारी में यह पहला ऐसा पट्टा स्वीकृत किया गया है जो किसी बेटी के नाम से है। ग्रामीणों की माने तो अब तक बेटा, पत्नी व स्वामी के नाम से पट्टा होता रहा है लेकिन चंद्रावती पुत्री तेजन का पट्टा कैसे हो गया यह बात लोगों के गले नहीं उतर रही। लोगों का मानना है कि खुद के नाम को छिपाने के लिए पत्नी की जगह बेटी को खड़ा कर पट्टा करा लिया गया।

बताया जा रहा है कि जिस चंद्रावती पुत्री तेजन के नाम पट्टा किया गया है, वह उस गांव की निवासी ही नहीं है। 1997 में तत्कालीन लेखपाल की मिलीभगत से बंजर खाते में दर्ज अराजी नम्बर 1177 मि0, 526 ख मि0, 1185 मि0, 1186 को चंद्रावती के नाम कर दिया गया। भू-माफियाओं के शातिर दिमाग को देखिये, जिस समय वह उक्त जमीन को हथियाने की सोच रहे थे वह 1997 में कौड़ी के भाव थी मगर अब जब वह जमीन असंक्रमणीय से संक्रमणीय हो चुकी है तो उस जमीन की कीमत भी लाखों में पहुंच चुकी है।

ऐसा नहीं कि उक्त पट्टे की जमीन को लेकर गांव में विरोध नहीं हुआ लेकिन लेखपाल की मिलीभगत व प्रभावीशाली लोगों की वजह से मामला हर बार दबता चला गया।

लेकिन एक बार फिर शिकायत हुई तो प्रशासन के भी होश उड़ गए। शिकायतकर्ता के आवेदन पर एडीएम ने जाँच दुद्धी एसडीएम को देते हुए एक सप्ताह में रिपोर्ट माँगी है। 21 जनवरी को एडीएम द्वारा जारी किए गए पत्र के मुताबिक आज एक सप्ताह पूरा हो चुका है। माना यह जा रहा है कि काचन गाँव की रिपोर्ट कभी भी एडीएम को भेजी जा सकती है। अब सबकी निगाह काचन गांव पर लगी है क्योंकि जांच में यह साफ हो पायेगा कि आखिर वह प्रभावशाली महिला चंद्रावती कौन है? जिसके नाम बंजर की जमीन तक कर दी गयी।

इस पूरे मामले पर एसडीएम दुद्धी का कहना है कि “पूरे मामले की जाँच तहदीलदार द्वारा की जा रही है। यदि जमीन के पट्टे के मामले में किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई गई तो नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।”

वहीं जांच कर रहे तहसीलदार दुद्धी ने कहा कि “चूंकि जाँच काफी पुराना है, इसलिए काफी गहनता के साथ जाँच की जा रही है और वो पूरी जांच रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम दुद्धी को सौंपेंगे।”



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