जीवन में सफलता के लिए आपकी सोच काफी हद तक हैं उत्तरदायी

फसल कटाई के बाद निकलने वाले पुआल का सही निस्तारण ना होना एक समस्या बन चुका है। आमतौर पर इसे जलाकर खत्म किया जाता है। लेकिन वायु प्रदूषण के संदर्भ में चारा जलाने के काफी बुरे परिणाम देखने को मिल रहे हैं। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए कई स्टार्टअप शुरू हुए। ‘वर्व रिनूअबल्स’ भी एक ऐसा ही स्टार्टअप है। इसे अमृतसर में पले-बढ़े सुव्रत खन्ना ने अपने मित्र राजीव खत्री के साथ मिलकर 2018 में शुरू किया था। यह स्टार्टअप पुआल इकट्ठा कर उससे बिजली उत्पादन का काम करता है।

कैसे हुए प्रेरित:
वर्व रिनूअबल्स के सीईओ और सह संस्थापक सुव्रत खन्ना का ध्यान नौकरी के दौरान ही पुआल से उपजे वायु प्रदूषण की समस्या पर गया। उन्होंने इसे लेकर रिसर्च करना शुरू कर दिया था। वह बताते हैं, ‘हम हर साल इस समस्या का सामना करते थे और मैं सोचता रहता था कि इसका कुछ तो हल निकलना चाहिए।’ सुव्रत एक चीज जानते थे कि अगर पुआल की समस्या को निपटाना है, तो हमें उसके ईद-गिर्द एक बिजनेस मॉडल तैयार करना होगा। वरना तो यह हर किसी के लिए कचरा मात्र है।

शुरुआती रिसर्च के बाद उन्हें एहसास हुआ कि पुआल से ऊर्जा उत्पादन किया जा सकता है। इस संबंध में उन्होंने आसपास की चीनी मिलों से संपर्क किया, ताकि उनके उपकरणों का इसके लिए इस्तेमाल किया जा सके। उन्हें अनुमति मिल गई। तब सुव्रत की टीम ने मिलों में मौजूद बॉयलर को उपयोग में लाकर पुआल से बिजली उत्पादन का काम शुरू किया। 2018 में सुव्रत और उनकी टीम के प्रयास एक अंजाम तक पहुंचे। उन्होंने 2018 के आखिर में अपनी नौकरी छोड़ी और राजीव खत्री के साथ मिलकर स्टार्टअप ‘वर्व रिनूअबल्स’ की शुरुआत की। स्टार्टअप की शुरुआत में लगभग 70 लाख रुपये का निवेश हुआ, जिसमें संस्थापकों के अलावा दोस्त, परिवार का भी योगदान था। ऐसा मुमकिन हुआ, क्योंकि लोगों को उनके बिजनेस आइडिया पर भरोसा था।

बीते दो सालों में सुव्रत और उसके साथियों ने पंजाब और हरियाणा के सैकड़ों किसानों से साझेदारियां की हैं। वे किसानों के खेतों से पुआल (चारा) इकट्ठा करते हैं, और उन्हें इसकी तय रकम देते हैं। अब स्टार्टअप के दर्जनभर स्थायी कर्मचारी हैं, जहां फसल कटाई के दौरान करीब 75 लोगों की सेवाएं ली जाती हैं। आज यह स्टार्टअप हरियाणा और पंजाब की पुआल से उपजी वायु प्रदूषण की समस्याओं को न सिर्फ कम कर रहा है, बल्कि अच्छा मुनाफा भी कमा रहा है। इस स्टार्टअप ने 2024 तक 2.50 लाख मेगावॉट ऊर्जा उत्पादन के लिए 10 लाख टन पुआल इकट्ठा करने का लक्ष्य बनाया है। सुव्रत कहते हैं, ‘हम ज्यादा से ज्यादा किसानों से पार्टनरशिप कर रहे हैं और अपनी सेवाओं का विस्तार कर रहे हैं। फिलहाल हमारा मकसद बायोएनर्जी से क्लीन एनर्जी स्टार्टअप बनना है।’
सुव्रत ने कहा, हम हर साल इस समस्या का सामना करते थे। मैं सोचता रहता था कि इसका कुछ तो हल निकलना चाहिए। …अब हम ज्यादा से ज्यादा किसानों से साझेदारी कर रहे हैं।

सीख :
सफलता के लिए आपकी सोच काफी हद तक उत्तरदायी है। आप सफलता के लिए अपने लक्ष्य के प्रति कैसा नजरिया रखते हैं, यह बहुत अहम है। एक पुरानी कहावत है कि ‘मन के हारे हार है मन के जीते जीत’ अर्थात हार जीत तो बस हमारी सोच है, हम उसके प्रति किस प्रकार सोचते हैं। नकारात्मक सोचने पर जीत भी हार के समान है। सकारात्मक सोचने पर हार भी जीत के समान है।



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