क्यूँ नहीं बिक रहा अन्नदाताओं का धान, खुफिया कैमरे में कैद हुए पूरा खेल

एक्सक्लुसिव

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । जहां एक तरफ बार्डर पर किसान भीषण शीतलहरी के बीच नए किसान बिल को वापस लेने पर पर जमे हैं, वहीं यूपी के सोनभद्र में भी किसान अपना धान बेचने के लिए क्रय केंद्र पर ठंड में रात गुजारने को मजबूर हैं। वहीं क्रय केंद्र पर कर्मचारियों द्वारा कभी बोरे का बहाना बनाया जा रहा है तो कभी लक्ष्य पूरा होने की बात बताई जा रही है लेकिन आज जनपद न्यूज Live उस सच्चाई को सामने लाने जा रहा है जिसे देखकर आप भी समझ जाएंगे कि आखिर पर्दे के पीछे का खेल क्या है और भीषण ठंड में किसान क्यों रात गुजारने को मजबूर हैं।

जनपद न्यूज Live के खुफिया कैमरे में कैद उस शख्स को भी बेनकाब करेंगे जो पहले ही अपनी करतूत की वजह से सस्पेंड चल रहा है लेकिन ऊपर से लेकर नीचे तक भ्रष्ट तंत्र की वजह से सस्पेंड कर्मचारी खुद बैठकर डीलिंग कर रहा है।

आज जनपद न्यूज Live किसानों से जुड़ी उस समस्या को आपके सामने रखने जा रहा है जिसे जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे। भीषण ठंड में दिन-रात क्रय केंद्र के बाहर अपने नम्बर का इंतजार करने वाले किसानों को देखकर जनपद न्यूज Live की पड़ताल टीम केकराही किसान सेवा सहकारी समिति लि0 करमा पर पहुँची, जहाँ रोजमर्रा की तरह सौदा तय किया जा रहा था।

इनसे मिलिये, ये हैं केंद्र के सचिव विनोद मौर्या… इनके अंदाज को देखकर हम भी हैरान थे। किसानों की समस्याओं को हल कराने के लिए सरकार दिन-रात चिंतित है लेकिन सचिव साहेब पान जमाने में ही मस्त हैं। जिनके पास किसानों की समस्या सुनने व हल करने के लिए समय ही नहीं है ।

अब आप गौर से देखिये इस चेहरे को, यह हैं प्रवीण त्रिपाठी, जो पिछले दिनों अपनी करतूत की वजह से सस्पेंड हैं लेकिन ऊपर बैठे हुक्मरानों की वजह से यहां बैठकर डीलिंग कर रहे हैं। वह कह रहे हैं कि खर्चा चाहिए और बोरा नहीं है तो कटौती होगा, वह भी सचिव के सामने ।

इतना कुछ देखने के बाद जनपद न्यूज Live की टीम को धीरे-धीरे सब कुछ समझ में आने लगा था। फिर हमने रात के हालात को भी कैमरे में कैद करने को सोची और टीम रात को केंद्र पर पहुंच गई। भीषण शीतलहरी के बीच टीम जब पड़ताल करने केकराही किसान सेवा सहकारी समिति लि0 करमा पहुंची तो वहां अपने धान की रखवाली करते कई बुजुर्ग दिखे, वे कभी अलाव के पास बैठते तो कभी अपने धान के पास। उनके माथे पर चिंताएं साफ नजर आ रही थी। टीम ने बारी-बारी से बात की तो उन्होंने बताया कि धान की रखवाली नहीं करेंगे तो कैसे काम चलेगा। उन्होंने बताया कि क्रय केंद्र के कर्मचारी कभी बोरा की कमी बता रहे हैं तो कभी पैसे की डिमांड कर रहे हैं।

इसी दौरान टीम ने देखा कि देर रात में भी तौल हो रहा है, जैसे ही टीम ने कैमरा खोला वहां मौजूद लोग सब कुछ छोड़कर खड़े हो गए।

अब तो जनपद न्यूज Live की टीम को यकीन हो चला था कि कैसे भ्रष्टाचारी रात के अंधेरे में अपने खेल को अंजाम दे रहे हैं।

सस्पेंड कर्मचारी प्रवीण त्रिपाठी से जब हमने बाद में पूछा तो वह उन आरोपों को भी झुठला दिया जो जनपद न्यूज Live के कैमरे में कैद है। कर्मचारी का कहना है कि रात में कोई तौल नहीं होता और वह तो सस्पेंड है, चुकीं यहीं अटैच हैं इसलिए कभी कभार आ जाते हैं।

कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि अन्नदाताओं की दुर्दशा हर पग-पग पर होती है। जहाँ उसकी पैदावार भगवान भरोसे होती है तो वहीं बिक्री भी अधिकारियों के रहमों करम पर टिकी होती है।



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