प्रकाशोत्सव के रूप में मनाई गई गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती

घनश्याम पाण्डेय/विनीत शर्मा (संवाददाता)

चोपन। सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह का 354 वॉ जन्मोत्सव प्रकाश पर्व के रूप में बड़े ही धूमधाम से स्थानीय गुरुद्वारा सिंह सभा में मनाया गया। मुगलसराय से आये रागीजत्था सतपाल सिंह व साथियों द्वारा सुबह शबद कीर्तन किया गया। तत्पश्चात विशाल लंगर का आयोजन किया गया। इसमें नगर सहित आस-पास के लोगों ने लंगर का प्रसाद ग्रहण किया। सबद कीर्तन के पश्चात नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि उस्मान अली,समाजसेवी प्रदीप अग्रवाल इत्यादि लोगो साफा देकर सम्मानित किया गया।

इस दौरान सरदार महताब सिंह ने बताया कि गुरु साहब का जन्म सन 1666 में पटना साहब में हुआ। बचपन पटना साहब में ही बिता। गुरु जी ने पथ भ्रष्ट जनता को सही मार्ग दिखाने के लिए धर्म, जाति, देश भाषा के कारण उत्पन्न विभिन्नता समाप्त कर एकता स्थापित करने के लिए यह समझाया कि मंदिर, मस्जिद, पूजा नमाज यथा हिन्दू-मुसलमान में मूलत: कोई भेद नहीं है। यह केवल दिखावा मात्र है। इतना ही नहीं आत्मा भी परमात्मा का ही एक अंश है। इस दौरान सरदार सतनाम सिंह, सरदार कवलजीत सिंह, सरदार बीरा सिंह, मोना सर, विवेक यादव, अजीत सिंह प्रधान, दीपक सिंह, प्रेम सिंह, जसमेर सिंह, हरदयाल सिंह, जितेंद्र पालहा, अमित सिंह, छात्र नेता हरज्योत सिंह मोंगा, भूपेंद्र सिंह, अमरदीप सिंह राजेश अग्रहरि, गोपाल सूद, अजय भाटिया समेत सैकड़ो लोगो ने भाग लिया।



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