बर्ड फ्लू ने बढ़ाई प्रधानों की टेंशन चिकेन की जगह हो रही मटन की मांग

फ़ैयाज़ खान मिस्बाही(ब्यूरो)

ग़ाज़ीपुर। ग्राम प्रधानी का चुनाव इस बार कुछ ज़्यादा ही खर्च वाला साबित होगा।और इस खर्च को बढ़ाने में बर्डफ्लू का बहुत बड़ा रोल है। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद ही चुनाव को लेकर सरगर्मी काफी बढ़ गई है।प्रधान पद के संभावित प्रत्याशी वोटरों को साधने के लिए दावतों की चाल चल रहे हैं।हालांकि अभी तक आरक्षण की स्थिति साफ नही है लेकिन चुनावी बिसात बिछनी शुरू हो गई है।संभावित प्रत्याशी दिन भर जिला व ब्लाक मुख्यालय का चक्कर लगाने के बाद शाम को अपने वोटरों को दावत दे रहे हैं।दावत की पहचान बन चुका मांसाहारी व्यंजन अब प्रत्याशियों पर भारी पड़ रहा है।मुर्गे में बर्ड फ्लू का खतरा मानते हुए दावतों में अब चिकन के बजाय मटन की डिमांड होने लगी है।प्रत्याशी चुनाव प्रचार में जुट गए हैं। लेकिन उनकी नजर आरक्षण पर लगी हुई है।मार्च-अप्रैल में पंचायत चुनाव होने की संभावना को देखते हुए गांवों में दावतों का दौर शुरू हो गया है। इसी बीच बर्ड फ्लू के अफवाह पर दावत में शामिल होने वालों ने चिकन के बजाए मटन खिलाने की मांग करने लगे है। चिकन और मटन के दामों में चार गुने का फर्क है।ग्राम पंचायत चुनाव की घोषणा से पहले ही दावतों का दौर शुरू हो जाता है।प्रत्याशी अपने-अपने लोगों को दावत दे रहे है कि वो उनके लिए माहौल बनाए। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएगा दावत में शामिल होने वालों की संख्या बढ़ती जाएगी अगर बर्ड फ्लू का खौफ ऐसे ही बना रहा तो प्रत्याशियों को इस चुनाव में बड़ी धनराशि दावतों खर्च करना होगा।बर्डफ्लू ने वाकई चुनाव लड़ने वालों को टेंशन में डाल दिया है।



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