घोरावल गौवंश आश्रय स्थल में नहीं रुक रहा गौवंशों के मौत का सिलसिला, संख्या पहुंची नौ

राजकुमार गुप्ता (संवाददाता)

– जनपद न्यूज Live की खबर के बाद जागा प्रशासन

– नौ गौवंशों की मौत के बाद हुक्मरानों को जांच की सताने लगी चिंता

– वायरल वीडियो ने प्रशासन के हर दावे की खोली पोल, लेकिन प्रशासन झूठ बोलने पर आमादा रहा

घोरावल । घोरावल के बृहद गौ संरक्षण केंद्र में नहीं थम रहा गौवंशों के मौत का सिलसिला । केवली मयदेवली गांव के गौशाला में सोमवार की भोर में दो और गोवंशों की मौत हो गयी । इसी के साथ मृतक गोवंशों की संख्या नौ हो गई है। आखिरकार नौ गौवंशों की मौत के बाद प्रशासन हरकत में आया । सोमवार को घोरावल एसडीएम जैनेंद्र सिंह ने गौशाला पहुंचकर हालात का जायजा लिया । मामले को दबाने के लिए स्थानीय प्रशासन सुबह से ही सारी व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटे रहे । सुबह होते ही आधे दर्जन सफाई कर्मियों को लगाकर गौवंश स्थल की सफाई कराई गई। धान खरीद के लिए किसानों को बोरे नहीं मिल पा रहे लेकिन जब बात खुद ओर आ आई तो प्रशासन गौवंशों को ठंड से बचाने के लिए एआरएम के यहां से बोरे भी ले कर पहुंच गए । ताकि जांच के लिए आ रहे एसडीएम को सब कुछ चकाचक दिखे । लेकिन वायरल वीडियो ने प्रशासन के हर दावे की पोल खोल दी है । हालांकि लगातार तीसरे दिन भी गौवंशों की मौत से प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।

सरकार गोवंश के संरक्षण और उनके पालन व संवर्द्धन को सर्वोच्च प्राथमिकता सूची में रख रही है लेकिन प्रशासनिक कार्यप्रणाली इसके क्रियान्वयन में पूरी तरह फेल साबित हो रही है। लावारिश गोवंशों के प्रवास, खान पान व उनके संरक्षण के लिए घोरावल तहसील क्षेत्र के केवली गांव में पिछले साल अक्तूबर में वृहद गोवंश संरक्षण केंद्र का उद्घाटन किया गया था। लेकिन स्थानीय तौर पर लापरवाही के कारण यहां गौवंशों की मौत हो रही है ।

बड़ा सवाल यह है कि जब मौसम विभाग पहले ही ठंड को लेकर आगाह कर दिया था तो प्रशासन गौवंशों की सुरक्षा व खान-पान के लिए समुचित व्यवस्था कईं नहीं की । जो बोरा आज मंगाया गया वह पहले क्यों नहीं मंगाया गया ।

उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी जयसिंह ने बताया कि गंभीर रूप से बीमार दो गौवंशों की सोमवार भोर में मौत हो गई। उनके शव को परिसर में बने ट्रेंच में दफना दिया गया है। आधे दर्जन सफाईकर्मी यहां साफ सफाई कर रहे हैं और एआरएम के यहां से गौवंशों को ओढ़ाने के लिए बोरे सोमवार सुबह आ गए हैं।

बहरहाल सूबे में गौवंशों के मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है । लेकिन सवाल यह हैं कि हर बार प्रशासन की मौत के बाद ही क्यों जागता है । इस मौत के बाद एक बात साफ हो गया कि गौवंश स्थल सिर्फ केयर टेकर के भरोसे ही चल रहा है ।



अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!