शासन ने भी माना खनन परिवहन में है गड़बड़झाला, अब परिंदा भी नहीं मार सकेगा पर, जांच टीम गठित

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । जनपद में बिना परमिट के खनिज संपदा लेकर जाने वाले वाहनों पर अब प्रभावी अंकुश लगाने की तैयारी शासन स्तर से कर दी गई है। खनन निदेशक डॉ0 रोशन जैकब ने प्रदेश के समस्त जिलाधिकारी को पत्र लिखकर परमिट जांच के लिए टीम बनाने को कहा है। निदेशक का पत्र मिलते ही खनिज विभाग टीम गठन के कार्य में लग गया है। आदेश के मुताबिक अब खनन विभाग की टीम जिसके प्रभारी खान अधिकारी या निरीक्षक होंगे, वे 24 घंटे परमिट की जांच के लिए बनाई गई टीम की मानिटरिंग करेंगे। जांच टीम द्वारा एक सप्ताह के अंदर की गई कार्रवाई की समीक्षा जिलाधिकारी द्वारा की जाएगी। वहीं हर माह हुई कार्रवाई की पूरी जानकारी शासन को भेजा जाएगा।

प्रमुख मार्गों को किया जाएगा चिह्नित

अवैध परिवहन पर प्रभावी अंकुश के लिए प्रमुख मार्गों को चिह्नित किया जाएगा। मार्ग चयन के बाद वहां पर सचल दल का गठन किया जाएगा। स्टाफ कम होने पर सेवानिवृत्त सैन्य कर्मी, होमगार्ड, पीआरडी जवानों का प्रयोग किया जाएगा। नियुक्त किए गए कर्मचारियों का मानदेय जिला खनिज न्यास निधि से किया जाएगा। बताया कि जांच टीम में एक ऐसा व्यक्ति जरूर हो, जो प्रपत्रों की स्कैनिग की तकनीक में दक्षता रखता हो। इसके अलावा सचल जांच दल को जल्द ही हैंड हेल्ड रीडर मशीन भी उपलब्ध करा दिया जाएगा, जिसकी मदद से परमिट की जांच आसान हो जाएगी।

जिले में स्कैन परमिट का होता है खेल

नए आदेश के बाद जनपद में लंबे समय से फल-फूल रहे स्कैन परमिट के काले कारोबार पर प्रभावी अंकुश लग सकता है। विदित हो कि जिले की सीमा चार राज्यों से मिलती है। पड़ोसी राज्यों की परमिट लेकर कई गिरोह जिले में खनन कर उसका परिवहन करते हैं। सचल दल के गठन के बाद करोड़ों रुपये प्रतिमाह के इस काले कारोबार पर अंकुश लग सकता है। इसके अलावा स्कैन परमिट पर भी रोक लग जाएगी। निदेशक के पत्र के क्रम में विशेष जांच टीम का गठन किया जा रहा है। हालांकि यहां पहले से भी की टीमों का गठन हो चुका है।शासन के निर्देशन में अब लग रहा है कि जिले में ओवरलोड व बिना परमिट वाहनों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।



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