मकर संक्रांति के पर्व पर बै ना के छमुहा नदी में लगा भव्य मेला, लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी

आर के (संवाददाता)

■ उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीमा पर बहने वाली नदी पर लगता है मेला

सागोबांध । प्रत्येक वर्ष मकर सक्रांति के पावन अवसर पर लगने वाला उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीमा पर बहने वाली छमूहा नदी में कोरोना काल के बावजूद लोगों की आस्था उमड़ पड़ी। छत्तीसगढ़ के डिंडो, कुल्लू डीह डूमरपान, चुना पत्थर, तारकेश्वर उत्तर प्रदेश के मच बंधवा, चैनपुर, धनवार, तेंदुअल, बैना, जिगंटोला, कोंग, सागो बांध, फरिपान, कुंडपान, अहिर बुदाव, मनारूटोला, धनखोर, चौना सहित कई गांव के लोग जिसमें महिला-पुरुष व बच्चे शामिल थे, उत्सुकता से मेले का लुत्फ उठाया । भीषण ठंड के वावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने नदी में आस्था की डुबकी लगाई । जिसके बाद बच्चे दुकानों पर जाकर विभिन्न प्रकार के सामानों की खरीदारी करते नजर आए।

प्राकृतिक दृष्टि से सुर म्य व मनोहारी स्थान पर लगने वाले मेले में दूर – दूर से लोग आते हैं और मेला का आनंद उठाते हैं । प्राकृतिक सुंदरता की बात करें तो यह स्थान दोनों तरफ पहाड़ी को चीरती हुई नदी एक दक्षिण से व एक पूरब से बहती हुई उक्त स्थान पर मिलकर कनहर में जाती है। नदी के रेत में लगने वाला यह मेला प्रति वर्ष अपने भव्यता को प्राप्त कर रहा है। कोरोना काल में भी हजारों की संख्या में स्त्री-पुरुष व बच्चे इस मेले का आनंद उठाया।



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