पंचायत चुनाव के पहले पंचायत शुरू, सांसद ने जिला पंचायत सदस्य पर लगाए गंभीर आरोप

आनंद कुमार चौबे/अंशु खत्री (संवाददाता)

● सांसद ने कहा चुर्क जिला पंचायत सदस्य दबाव बनाकर वोटर लिस्ट में बढ़वा रहे फर्जी नाम

● सांसद ने जिला पंचायत सदस्य पर लगाया जमीन कब्जा करने का आरोप

● सांसद ने कहा, बीजेपी की सदस्यता भी नहीं है मनोज सोनकर के पास

● मनोज सोनकर ने सभी आरोपों का किया खंडन, कहा- साबित कर दे कोई आरोप तो दे दूंगा इस्तीफा

सोनभद्र । यूपी में होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर जिले स्तर पर तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं। भले ही अभी पंचायत चुनाव के तारीख की घोषणा नहीं हुई है और न ही आरक्षण सूची जारी हुआ लेकिन खुद को संभावित प्रत्याशी मानकर लोग अपनी-अपनी तैयारियों में जुटा हुआ है। चौराहा-चट्टियों पर नेताओं का जमावड़ा लगना भी शुरू हो गया है। इसी के साथ अभी से आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है।
भाजपा के पूर्व सांसद छोटेलाल खरवार ने खुद वोटर लिस्ट में गड़बड़ी व बीएलओ पर दबाव बना कर नाम बढ़ाने का आरोप लगाया है। पूर्व सांसद ने बाकायदा अधिकारियों को शिकायत कर बताया कि चुर्क जिला पंचायत सदस्य मनोज सोनकर बीएलओ पर दबाव बनाकर बाहरी लोगों का नाम बढ़ाया है। सांसद के कहना है कि मनोज सोनकर न सिर्फ वोटर लिस्ट में नाम बढ़वाने का काम किया बल्कि बीएलओ को धमकी भी दिया है। मीडिया से बात करते हुए सांसद ने बताया कि मनोज सोनकर खुद को बीजेपी का बताकर पार्टी की छवि का बदनाम करने की कोशिश कर रहा है, जबकि वह अपने कार्यकाल में कई सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा किया हुआ है, जिसकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि जब वे 2014-19 तक सांसद थे तो मनोज सोनकर बीजेपी की सदस्यता तक ग्रहण नहीं किये थे। जिला पंचायत सदस्य पर भड़के सांसद ने कहा कि उनके पूरे कार्यकाल की जांच होनी चाहिए, जिसके लिए वे अधिकारियों से मिलकर शिकायत की है।

वहीं इस पूरे आरोप का खंडन करते हुए चुर्क जिला पंचायत सदस्य मनोज सोनकर ने कहा कि उनकी राजनीतिक छवि को धूमिल करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने बताया कि बीएलओ खुद मजिस्ट्रेट के सामने बयान दे चुका हैं कि उसके ऊपर बेवजह दबाव बनाया जा रहा है कि मनोज सोनकर को बदनाम करो। उन्होंने कहा कि जहां तक जमीन कब्जा करने का आरोप है, वह भी बिल्कुल गलत है। एक जमीन सामुदायिक शौचालय के लिए प्रस्तावित है, जिसकी बाउंड्री करायी गयी है। उन्होंने कहा कि इसके बारे में जिला पंचायत अध्यक्ष से कभी भी कोई भी पूछ सकता है। उन्होंने दावा किया कि यदि कोई एक भी जमीन कब्जा करने का मामला साबित कर देगा वह कार्यकाल समाप्त होने से पहले अपना इस्तीफा दे देंगे।

यह है पूरा मामला

ऐेसा ही एक मामला रॉबर्ट्सगंज विकास खंड अंतर्गत कुरा गाँव का है। जहाँ बीएलओ का एक वीडियो इन दिनों वायरल वायरल हो रहा है, वीडियो में कुछ व्यक्ति बीएलओ के ऊपर फर्जी तरीके से नाम बढ़ाने का आरोप लगा रहे हैं जिस पर बीएलओ अपने सफाई में तथाकथित भाजपा नेता और जिला पंचायत सदस्य पर असलहे के बल पर नाम बढ़वाने की बात कह रहा है। ग्रामीणों की शिकायत पर पूर्व संसद छोटेलाल खरवार ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर उन्हें पूरे मामले से अवगत कराया है।

बहरहाल कौन सच बोल रहा और कौन झूठ, यह तो जांच के बाद ही पता चल सकेगा। लेकिन जिस तरह से पंचायत चुनाव के पहले आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है वह आने वाले समय में और भी तल्ख होने की उम्मीद है।



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