अंतर्जनपदीय तबादले की मांग को लेकर परिषदीय शिक्षिकाओं ने भरी हुंकार

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

● शिक्षिकाओं ने किया कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन

● शिक्षिकाओं ने प्रदर्शन के दौरान ‘एक प्रदेश-एक नियम’ ‘सबको मिले समान अवसर’ के लगाए नारे

सोनभद्र । एक प्रदेश एक नियम- सबको मिले समान अवसर के नारे के साथ बेसिक शिक्षा विभाग की शिक्षिकाओं ने अंतरजनपदीय ट्रांसफर किये जाने की मांग को लेकर शिक्षिका जेबा अफरोज की अगुवाई में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन पर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंप अन्य जनपदों की तरह सोनभद्र के शिक्षकों को भी स्थानांतरण का लाभ दिए जाने की माँग की।

शिक्षिकाओं ने कहा कि पति के सरकारी जॉब में होने के बावजूद भी महिला शिक्षिकाओं का ट्रांसफर नहीं किया गया है।

प्रज्ञा दूबे, रंजना राय ने कहा कि दिव्यांगजनों को अंतरजनपदीय ट्रांसफर में वरियता देने की बात कहीं गई थी उसका भी पालन ट्रांसफर प्रक्रिया में नहीं किया गया है।

गरिमा त्रिपाठी, भारती पाण्डेय ने कहा कि स्थानांतरण सूची को भारांक के साथ सार्वजनिक किया जाये।

शिक्षिका जेबा अफरोज ने कहा कि “नीति आयोग की रिपोर्ट में कार्मिकों का स्थानांतरण दो वर्षों के बाद करने की छूट थी लेकिन यहाँ 5 वर्ष बाद भी नहीं किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसी रोक अन्य विभागों के लिए भी है कि उन विभागों में समस्त पद संतृप्त हो गए या उनके कार्मिकों को भी जितने आएंगे उतने जायेगे की नीति के तहत रोका गया है। जब आपने नौकरी ज्वाइन की मतलब 2015/2016 में ये जिले आकांक्षी नहीं थे और ना ऐसा कोई नियम था कि इन जनपदों से स्थानांतरण नहीं होंगे अन्यथा हम लोग यहां पदस्थापित होने से पहले सोच विचार करके ही ज्वाइन करते। संविधान ने भी हम लोगों को समानता का अधिकार दिया है तो क्यूं नहीं एक प्रदेश एक नियम लागू किया जा रहा है “सबको मिले समान अवसर, सबको हो अपने जनपद ट्रांसफर”। और जब इस ज़िले को आकांक्षी से बाहर लाने का लक्ष्य रखा ही गया है तो जनपद के मुखिया के स्थानांतरण पर भी रोक लगाई जानी चाहिए थी परन्तु हम लोगों के सामने ही यहां से 4-5 मुखिया बदल चुके हैं। क्या आकांक्षी जनपदों को अग्रणी में लाने की क्या समस्त ज़िम्मेदारी शिक्षकों की ही है। कहा कि सरकार हमें भी अन्य ज़िलों की तरह समान अवसर प्रदान करते हुए स्थानांतरण का लाभ प्रदान करें। जैसा कि शिक्षा मंत्री का एक वीडियो वायरल हो रहा है कि ये जॉब ट्रांसफरेबल नहीं है तो अन्य ज़िलों से शिक्षकों को ट्रांसफर किस नियम के तहत दिए गए। और शिक्षा मंत्री को जो ये लग रहा है कि आकांक्षी जनपद में कम मेरिट के लोग ही पदस्थापित हुए हैं उन्हें ये ज्ञात करवाया जाए कि आकांक्षी जनपदों में आने वाले समस्त शिक्षक हाई मेरिट वाले हैं जो गलत नीतियों और नियमों की भेंट चढकर यहां ज्वाइन करने को मजबूर हुए। अन्य शिक्षकों ने कहा कि जब आपके साथ पूरे प्रदेश में अन्य जिलों में शिक्षकों ने जॉइन किया और तमाम लोग 3 साल और 5 साल की सेवा में अपने घर गए तो क्या ये आपके समानता के अधिकार का हनन नहीं है।”

इस मौके पर रंजना सिंह, सुनीता रानी, रंजना राय, प्रज्ञा त्रिपाठी, स्नेहशिखा, गरिमा, फ़ौजिया तब्बसुम, अंजली राय, कुमार सिद्द्की, रूही परवीन, गुंजा सिंह, दिव्या श्रीवास्तव, रूबी, कंचन प्रभा, कुसुम सिंह, रत्ना प्रज्ञा, शालिनी, निशा राजपूत, अंकिता, नम्रता सिंह, शैलजा सिंह, सुनीता रानी, प्रीति यादव, सौम्या सिंह, निधि लोगानी, प्रिया श्रीवास्तव, मधु मिश्रा आदि शिक्षिकाएँ रही।



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