58वाँ अखिल भारतीय कवि सम्मेलन सकुशल सम्पन्न

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । काव्य साहित्य के इन्द्रधनुषी छटाओं के मध्य मधुरिमा साहित्य गोष्ठी के मेजबानी में 58वाँ अखिल भारतीय कवि सम्मेलन मां वाग्देवी के वरद पुत्र हिन्दी साहित्य के शिखर संस्था के निदेशक पं0 अजय शेखर के संरक्षण व वरिष्ठ साहित्यकार पं0 पारस नाथ मिश्र के अध्यक्षता में देश के जाने-माने कवि, शायर व गीतकारों के शानदार प्रस्तुतियों के साथ सम्पन्न हुआ।

जिसका सफल संचालन ओज के जाने- माने कवि कमलेश मिश्र “राजहंस” ने किया।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सदर विधायक भूपेश चौबे तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला विकास अधिकारी राम बाबू त्रिपाठी व नगर पालिका परिषद रावर्ट्सगंज के अध्यक्ष वीरेन्द्र जायसवाल “बिंदु” मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ देश के सुविख्यात गीतकार जगदीश पंथी ने वाणी वंदना ‘असरन सरन देवइया हे मइया मोरी’ की भक्तिमय प्रस्तुति से किया।

कवि दिलीप सिंह दीपक ने ‘है अंधेरा इस क्षणिक जीवन मे क्या है तेरा, क्या है मेरा’ सुनाया तो हास्य कवि जयराम सोनी ने ‘चिकनी-चुपड़ी बात सुनउली आग लगउली पानी में’ सुनाकर श्रोताओं को जमकर हंसाया तो रेनुसागर से चलकर आये अभय कुमार मिश्र ने हिन्दी की महत्ता को अपने छंद से अलंकृत करते हुए ‘चन्दन धूप कपूर की गंध सी, प्यार लुटाती हमारी ये हिन्दी’ सुनाकर माहौल को नया रंग दिया।

कवि प्रभात सिंह चन्देल ने राष्ट्रीय सद्भावना और देशभक्ति से ओत-प्रोत रचना ‘जहां बहती हो अमन की गंगा खुशियों की सौगात लिए, उस हिन्दुस्तान में मैंने मेरा भारत महान पढा’ सुनाकर तालियां बटोरी तो दिवाकर द्विवेदी मेघ “विजयगढ़ी” ने ‘एक ही उदाहरण देने में बीत जाए उमर सारी’ सुनाया तो वहीं अभिनव आकाश मिश्र ने किसानों पर अपनी समसामयिक रचना ‘किसान कब फार्च्यूनर गाड़ी लाएगा’ सुनाकर व्यवस्था पर चोट किया।

वाराणसी से चलकर आये धर्म प्रकाश मिश्र ने नेता को प्रणाम अभिनेता को प्रणाम देश को बेचने वाले राजनेता को प्रणाम सुनाकर ऊंचाई प्रदान की और श्रोताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया। नवोदित कवियित्री जय श्री राय ने जिसके दिल का टुकड़ा गोलियों से रंग जाता है सुनाया तो वही व्यंग के कवि शुशील राही ने वेद के ऋचाओं की पवित्रता मिले तुम्हे तो गजलकार अशोक तिवारी ने मसले भूख के कुछ दूर हो जाने दो सुनाकर व्यवस्था पर तीक्ष्ण प्रहार किया।
मिल्लत की बात करते हुए कवि प्रदुम्न त्रिपाठी ने ‘सबकी आंखों का मर रहा पानी, बचाओ इसको उतर रहा पानी’ की प्रस्तुति से श्रोताओं को बदलते परिवेश से रूबरू कराया तो नजर मोहम्मद “नजर” ने ‘नजर कोरोना की ये दवाई मिला है, कितना मस्ताना, मन्दिर, मस्जिद बन्द रहेगी खुला रहेगा मयखाना’ सुनाया तो महिला शसक्तीकरण की बात करते हुए कौशल्या देवी ने ‘मैं नारी हूँ अबला नहीं, लड़ सकती हूं तूफान से’ सुनाकर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

दिल्ली से चलकर आये सोनांचल के मशहूर शायर हसन सोनभद्री ने हवाओं में घुली खुशबू , फिजाओ में वो मस्ती है तथा किसी मछली को पानी से निकालो, मेरी चाहत का अंदाजा लगालो की प्रस्तुति से आयोजन को ऊंचाई प्रदान की।

सोनभद्र के चिन्तनशील गीतकार ईश्वर विरागी ने रात दिन आएंगे औ गुजर जाएंगे, गीत अंधेरो पे फिर से मुखर जाएंगे, आप गर आदमी बन सुधर जाएंगे कि शानदार प्रस्तुति से श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया तो अमरनाथ अजेय ने कामना हित यज्ञ के जलवायु मत दूषित बना सुनाया तो वाराणसी से चलकर आये सलीम शिवालवी ने गजबै राजा विकास होत हौ बिन पढले सब पास होत हौ सुनाकर श्रोताओं को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया।
जाने माने गीतकार मनमोहन मिश्र ने करेगा क्या कोई है हम तलाशो, कहीं हो न जाये ना वो कम तलाशो सुनाकर अपनी प्रस्तुति दी। मंच का संचालन कर रहे ओज के दमदार कवि कमलेश “राजहंस” ने बहुत दिनों पहले मेरे गांव में था वट बृक्ष महान के साथ एक बाद एक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को देश भक्ति के चासनी में डुबोकर गोते लगाने पर मजबूर कर दिया इसके बाद आयोजन की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार व कवि पारसनाथ मिश्र द्वारा उतर रहे हैं आसमान पर गिद्ध बहुत तेजी से, देखे होंगे धरती पर ये लाश की प्रस्तुति के साथ आयोजन अपनी ऐतिहासिकता को समेटे हुए उत्कर्ष पर पहुंचकर सम्पन्न हुआ।
आखिर में वरिष्ठ अधिवक्ता अवध नारायण राय, शारदा देव पाण्डेय, रामकृष्ण तिवारी व होटल व्यवसायी मुकेश जायसवाल के हुए दुखद निधन पर दो मिनट का मौन रखकर शोक सम्वेदना और दिवंगत आत्मा के शांति की कामना की गयी।

इस मौके पर नगर पालिका परिषद रावर्ट्सगंज के पूर्व अध्यक्ष कृष्ण मुरारी गुप्ता वनवासी सेवा आश्रम की सचिव शुभा प्रेम, सोनभद्र बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष विनोद कुमार चौबे, पत्रकार रवीन्द्र केसरी, बृजेश पाठक, फरीद खान, विकास वर्मा, भाजपा नेता रामलखन सिंह, मारवाड़ी संघ अध्यक्ष पंकज कनोडिया, राजेश जायसवाल, उबैद अहमद सिद्दीकी, आशीष पाठक, धीरज पाण्डेय, अरविन्द सिंह, चौकी इंचार्ज योगेन्द्र सिंह, मुस्तफा जमाल सुन्ना बख्सी, विवेक सिंह समेत जनपद सम्मानित अधिवक्ता, पत्रकार, समाजसेवी व गणमान्य लोग मौजूद रहे।



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