प्रधान हुए पद से पैदल,अब ” प्रधानी” की तैयारी पंचायत चुनाव के लिए गांवों में दावेदार खोज रहे ठिकाना

मनोहर कुमार (संवाददाता)

चंदौली। पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद तय समय पर चुनाव नहीं होने से प्रधान पद से पैदल हो गए।शासन ने उनके स्थान पर प्रशासक नियुक्त कर दिया है। चुनाव होने तक प्रशासक ही गांवों की विकास की रूप रेखा तय करेंगे। वैसे मार्च के अंत तक प्रदेश में पंचायत चुनाव कराने की चर्चा हो रही है। इसके साथ निवर्तमान प्रधान अब ” प्रधानी ” के लिए तैयारी कर रहे हैं। राजनीतिक दल भी 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए पंचायत चुनाव में ताकत को इस्तेमाल कर सकते हैं।इसके लिए कर्यकर्ताओं की नब्ज व नकेल दोनों पकड़ी ज रही है।धान के कटोरे के रूप में ख्यातिलब्ध चंदौली जनपद में चुनावी समर बड़ा दिलचस्प होता है।लोकसभा चुनाव हो विधानसभा का हो या नगर निकाय या पंचायत चुनाव सभी में जोरदार टक्कर देखने को मिलती रही है। पांच साल तक प्रधान बनकर गांव के विकास का खाका खींचने व विकास की गति व पहिया तेज करने की जिम्मेदारी प्रधान पर रही है। 25 दिसम्बर को प्रधान का कार्यकाल समाप्त हो गया।अब प्रधान अपने पद से पैदल हो गए हैं। प्रधान की जगह अब प्रशासक कार्यभार निभा रहे हैं। पांच साल तक प्रधान का पद संभालने वाले नेता अब प्रधानी पाने के लिए जोर दम लगाएंगे।शासन स्तर पर पंचायत चुनाव मार्च तक करा लेने की मंशा है। गांवों में खेती बारी का क्रम चल रहा है। धान की कटाई व मड़ाई के साथ गेहूं की बुआई भी हो रही है।इसके बाद खेत खलिहान राजनीति का केंद्र बनते जायेंगे। गांव में राजनीतिक समर का ताना बाना अभी से बुना जाने लगा है। परिसीमन व आरक्षण आदि की प्रक्रिया चल रही है।लोगों की निगाहे इसी पर टिकी है कि कहां से किस्मत आजमाई जाए।इस चुनाव में राजनीतिक दल भी काफी दमदारी से शिरकत करेंगे।धान के कटोरे में मौसम की ठंड मिजाज के साथ राजनीतिक सरगर्मी बड़ रही है।



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