ग्रामीणों ने प्रधान पर धन उगाही का लगायाआरोप,धरना-प्रदर्शन

फ़ैयाज़ खान मिस्बाही(ब्यूरो)

ग़ाज़ीपुर। सादात ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने के साथ ही ग्राम पंचायतों का खाता सीज होने की जानकारी के बाद चकफरीद-बहरियाबाद के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान के आवास पर धरना-प्रदर्शन किया। आक्रोशित ग्रामीणों का आरोप था कि आवास,शौचालय,पेंशन, मनरेगा आदि कार्यों के बदले प्रधान ने उनसे पैसा लेने के बाद भी योजनाओं का लाभ नहीं दिलाया।कार्यकाल खत्म होने के बाद अब ग्रामीणों भला क्या करेंगे।करीब चार घंटे तक चले प्रदर्शन को पुलिस ने ग्राम प्रधान द्वारा एक माह के अंदर पैसा वापस करने के लिखित आश्वासन के बाद खत्म कराया।चकफरीद निवासी शीला मौर्य, सुनीता चौहान, रीना देवी, राधिका, सरिता, भगवानी देवी, रामजन्म, विमला, तेतरी, सोनू सोनकर, लीलावती, सविता, अजीत आदि ने आरोप लगाया कि प्रधान ने आवास के नाम पर पांच से 12 हजार रुपये तक की धन उगाही की।इसके बाद भी उन्हें आज तक आवास नहीं मिला।वहीं सुरेन्द्र,आकाश,मुन्ना, हिमालय,मोती,जितेन्द्र,सचिन,संदीप,सुनील,रामबली,छोटे लाल, ईश्वर,गोविन्द,गोपी आदि ने मनरेगा के तहत किए गए कार्यों का भुगतान न देने का आरोप लगाया।लीलावती,भोला राम, दिलवरी, नेसार सहित दर्जनों लोगों ने शौचालय निर्माण का धन आहरित होने के बावजूद शौचालय न बनवाने का आरोप लगाया।हऊदवा बस्ती निवासी रामा राम ने आरोप लगाया कि प्रधान ने गांव में खडंजा लगाने के दौरान उनका दरवाजे पर रखा एक ट्रैक्टर ईंट खडंजे में प्रयोग कर लिया।महीनों बाद भी आज तक न तो उनकी ईंट वापस की गई और न ही उसकी कीमत अदा की गई।धरना प्रदर्शन की सूचना पर बहरियाबाद के एसआई होरिल यादव पुलिसकर्मियों संग पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों का ग्राम प्रधान से वार्ता कराकर प्रधान द्वारा लिखित आश्वासन देने के बाद प्रदर्शन समाप्त कराया।



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