बगैर खेत के किसान बने लोग भी ले रहे किसान सम्मान निधि

फ़ैयाज़ खान मिस्बाही(ब्यूरो)

ग़ाज़ीपुर। भ्रष्टाचार और घोटाले को रोकने के लिए शासन की ओर से कई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं,लेकिन घोटाले बाज इसमें भी अपना रास्ता निकाल ले रहे हैं।ताजा मामला प्रधानमंत्री की अतिमहत्वाकांक्षी किसान सम्मान निधि योजना में सामने आया है।जखनियां तहसील धामूपुर गांव में कई लोग ऐसे हैं,जिनके नाम से एक धूर भी जमीन नहीं है और वह किसान बन गए हैं।इतना ही नहीं, वह तीन किस्त उतार भी चुके हैं।धामूपुर गांव के एक सहज जनसेवा केंद्र के संचालक के गांव के लेखपाल से मिलीभगत कर अपने पिता,अपना, मां, भाई,भाभी,बहन और बहन के लड़के को भी किसान बना दिया है,जबकि इनमें से कई के पास एक धूर भी जमीन नहीं है।यह सभी तीन किस्त उतार भी लिए हैं।गांव में ऐसे लोगों की संख्या करीब 50 है।अन्य परिवार में भी कई लड़कियां हैं जो किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहीं हैं। संचालक ने पहले किसान सम्मान निधि योजना में फर्जी तरीके से रजिस्ट्रेशन कराया और फिर लेखपाल ने उसे वेरीफाई भी कर दिया।मजे की बात तो यह है कि मामला सामने आया तो कार्रवाई के बजाय जिम्मेदार लीपापोती में लगे हुए हैं।ऐसे में इस बाबत जिलाधिकारी से इसकी शिकायत की गई। शिकायती पत्र के साथ सभी के खातों का विवरण भी दिया है। कथित तौर से कई फर्जी किसानों का विवरण उपलब्ध कराया गया है।
संबंधित अधिकारी ने कहा कि मामला संज्ञान में है।इसकी जांच कराई जाएगी।जांच में फर्जी लोग किसान सम्मान निधि योजना को लाभ लेते हुए मिलेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए रिकवरी भी की जाएगी। कोई अड़चन आएगा तो राजस्व विभाग की टीम को लगाकर वसूली की जाएगी। – मृत्युंजय सिंह, जिला कृषि अधिकारी।



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