ब्लैकबोर्ड हुई पुरानी बात, अब परिषदीय स्कूल के बच्चों की ‘स्मार्ट’ होगी क्लास

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । आमतौर पर कम संसाधनों के बीच पढ़ाई करने वाले परिषदीय विद्यालयों के बच्चे भी अब हाईटेक तरीके से पढ़ाई कर सकेंगे। भले ही अभी तक वे ब्लैकबोर्ड पर पढ़ाई करते रहे हों, लेकिन अब जल्द ही प्राइमरी स्कूल के टीचर्स के हाथ में चॉक एंड डस्टर नहीं बल्कि रिमोट होगा। वजह ये है कि प्राइमरी स्कूल के बच्चों की पढ़ाई बिल्कुल स्मार्ट तरीके से ‘स्मार्ट टीवी‘ पर होगी। इसके लिए अब तक एनसीएल सिंगरौली के सीएसआर मद से जिले के तीन विकास खण्डों में 50 नए आईसीटी सक्षम विद्यालयों की स्थापना हो चुकी है। एनसीएल द्वारा जनपद सोनभद्र में ₹93 लाख की लागत से 50 स्मार्ट क्लास की स्थापना की गई है। जिसमें म्योरपुर ब्लॉक के 28, नगवां ब्लॉक के 7 और राबर्ट्सगंज ब्लॉक के 13 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की स्थापना की जा चुकी है।

बीएसए डॉ0 गोरखनाथ पटेल ने बताया कि “प्रदेश सरकार मिशन प्रेरणा के तहत प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को उत्कृष्ट करने के लिए कृत संकल्पित हैं। आकांक्षी जनपद सोनभद्र के शिक्षकों ने शुरू से शिक्षकों के अभाव में डिजिटल क्लास के माध्यम से शिक्षण को अपने दिनचार्य में शामिल किया हुआ है। यहां तक कि ई-पाठशाला के संचालन और दीक्षा ऐप पर निष्ठा प्रशिक्षण, प्रेरणा लक्ष्य, ध्यानाकर्षण, आधारशिला और शिक्षण संग्रह के विभिन्न मॉड्यूलों का प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रमाण पत्र अर्जित किया है। वर्तमान में सीएसआर से 100 विद्यालयों के पास आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस आधारित टैबलेट, 20 विद्यालयों में लैपटॉप, 15 विद्यालयों के पास डीएमएफ से लैपटॉप-प्रोजेक्टर शिक्षण कार्य के लिए उपलब्ध हैं। इस प्रकार 200 से अधिक विद्यालय आईसीटी सक्षम हैं।”

वहीं जिला प्रशासन की मानें तो प्रदेश स्तर से आयोजित होने वाले अधिगम स्तर मूल्यांकन के आधार पर उत्कृष्ट ग्रेडिंग में रहने वाले विद्यालयों को अगले चरण में आईसीटी सक्षम विद्यालय में जल्द ही परिवर्तित कर दिया जाएगा।



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