नई रेल लाइन बिछाने के लिए बजट की मांग

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

रॉबर्ट्सगंज रेलवे स्टेशन से वाया मधुपुर, सुकृत, अहरौरा होते हुए मुगलसराय रेलवे स्टेशन तक नई रेल लाइन बिछाने की मांग

सोनभद्र । सांसद पकौड़ी लाल कोल एवँ राज्यसभा सांसद रामशकल ने रेलमंत्री पियूष गोयल को पत्र सौंपकर सोनभद्र रेलवे स्टेशन से मधुपुर, सुकृत, मधुपुर, अहरौरा होते हुये मुग़लसराय स्टेशन (पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन) तक 70 किमी नई रेल लाइन बिछाये जाने हेतु आगामी बजट में धनराशि आवंटन किये जाने की पुनः माँग की है। गत वर्ष भी इन सांसद द्वय व सदस्य, क्षेत्रीय रेल सलाहकार समिति उ0 म0 रेलवे एस0 के0 गौतम ने रेल मंत्री, चेयरमैन सीईओ विनोद कुमार यादव व सदस्य (इंजीनियरिंग) रेलवे बोर्ड विश्वेश चौबे से मिलकर बजट में धनराशि उपलब्ध कराए जाने हेतु मिलकर पत्र सौंपे थे। मिर्ज़ापुर सांसद अनुप्रिया पटेल ने भी संसद में व रेल मंत्री से मिलकर पिछले बजट में धन आवंटन की माँग रखी थीं। लेकिन इस नई रेल लाइन हेतु गत बजट में धनराशि नहीं मिली थी ।

अपने अलग अलग पत्रों में सांसद द्वय ने उल्लेखित किया है कि इस नई रेल लाईन का सर्वेक्षण कार्य पूरा कर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर ) उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज द्वारा 23 मार्च 2018 को रेलवे बोर्ड रेल मंत्रालय में जमा कर दी गई है। इस नई रेल लाइन के बिछाये जाने से उर्जान्चल के सिंगरौली/शक्तिनगर/महदैया रेलवे स्टेशनों से नॉर्दर्न कोल फ़ील्ड्स लि0 की कोयला खदानों से कोयला ढुलाई के लिये एक वैकल्पिक रेल मार्ग मिल जाएगा तथा यह रेल मार्ग रामनगर में बन रहे टर्मिनल (बंदरगाह) तक भी माल ढुलाई का कार्य करेगा। उर्जान्चल के सार्वजनिक क्षेत्र के भारत सरकार के प्रतिष्ठान एनटीपीसी शक्तिनगर, विन्ध्यनगर व रिहन्दनगर,नॉर्दर्न कोल फ़ील्ड्स लि0 की कोयला खदानें, गैर सरकारी प्रतिष्ठान रिलायंस, हिंडाल्को, लैंको, जेपी, एस्सार आदि को माल ढुलाई करने हेतु सीधा रेलमार्ग मिल जायेगा। देश की उर्जाधानी के रूप में जाने वाले शक्तिनगर/अनपरा/सिंगरौली/बरगवां व अन्य स्टेशनों के रेल यात्रियों को वाराणसी व मुगलसराय सीधे पहुँचने का भी लाभ मिलेगा तथा आदिवासी बाहुल्य सोनभद्र, चंदौली, झारखंड के पलामू जिलों की जनता भी लाभान्वित होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सोनभद्र जनपद में पर्यटन के विभिन्न स्थलों का विकास कार्य कराया जा रहा है, इस रेल लाईन से जनपद में टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। मुम्बई व दक्षिण भारत के शहरों की दूरी 150 से 200 किमी कम हो जायेगी।

श्री गौतम ने बताया कि बर्तमान में सिंगरौली कोयला खदानों से कोयला लदी मालगाड़ियों का संचालन ओबरा, सलाईबनवा (चोपन बाईपास) रेणुकूट, गढ़वारोड, डेहरीऑनसोन रेलवे रेल सैक्शन होते हुए मुगलसराय (पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन) होकर होता है। क्योंकि चोपन-चुनार रेल खण्ड में 80 डिग्री ग्रेडिएंट, कर्व (घुमाव) के कारण मालगाड़ियां नहीं चल पा रही हैं।



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