मदरसा मिस्बाहुल उलूम में मनाया गया अल्पसंख्यक अधिकार दिवस

अबुलकैश डब्बल ब्यूरो

चंदौली। मदरसा मिस्बाहुल उलूम में शासन के निर्देशानुसार शुक्रवार को अल्पसंख्यक अधिकार दिवस मनाया गया। अल्पसंख्यक अधिकार दिवस विश्वभर में प्रत्येक वर्ष 18 दिसंबर को मनाया जाता है। इस दौरान अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर शर्मा ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अल्पसंख्यक अधिकार दिवस का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों की रक्षा, राष्ट्र निर्माण में योगदान के रूप में चिह्न्ति कर अल्पसंख्यकों के क्षेत्र विशेष में ही उनकी भाषा, जाति, धर्म, संस्कृति, परंपरा आदि की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है । अल्पसंख्यक किसी राष्ट्र-राज्य में रहने वाले ऐसे समुदाय जो संख्या में कम हों और सामाजिक, राजनैतिक और आर्थिक रूप से कमज़ोर हों एवं जिनकी प्रजाति, धर्म, भाषा आदि बहुसंख्यकों से अलग होते हुए भी राष्ट्र के निर्माण, विकास, एकता, संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय भाषा को बनाये रखने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हों, तो ऐसे समुदायों को उस राष्ट्र-राज्य में अल्पसंख्यक माना जाना जाता है। अल्पसंख्यक अधिकार दिवस भषा और धर्म के आचरण के आधार पर अल्पसंख्यको का निर्धारण होता है। कोई अधिकार कर्तव्य के बगैर अधूरा है। हमारा देश एक धर्म निरपेक्ष देश है , शासन सभी लोगों को बराबर का अधिकार देता है। लेकिन शासन ने कुछ अधिकार दिए है जिससे सभी को समाज के मुख्य धारा से जोड़ा जा सके और उनके लिए शिक्षा सहित कई योजना चलाती है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य यह है कि अल्पसंख्यको के लिए चलाई जा रही योजना की जानकारी देना और क्रियान्वयन करना है।

इस दौरान मुख्य रूप से जिला पंचायत सदस्य राजेश यादव, प्रधानाचार्य मु खालिद, कलाम खान, अलाउद्दीन, नेहाल अहमद, अब्दुल सलाम, कारी नजीर अहमद, मौलाना वसीम, मुफ़्ती इरशाद, अबुलैस खान, इजहार खान, हाफिज महफ़ूज़र्राहमन खान, अंसार अहमद, महताब आलम सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।



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