ओबरा बाजार बचाओ आंदोलन मानवाधिकार टीम द्वारा तीसरे दिन भी प्रदर्शन कर नहीं उजाड़ने की किया मांग

कृपाशंकर पांडे (संवाददाता)

ओबरा। ओबरा थर्मल पावर बोर्ड द्वारा अपने कर्मचारियों के सज्जा -सामानो की सुविधा हेतु 40- 50 वर्षो से बसाये गए हजारों व्यापारियों में अचानक वर्ष 2019 में ओबरा द्वारा 193 व्यापारियों को अपने -अपने पक्के दुकानों व मकानों को हटाने को लेकर भेजे गए नोटिस के विरुद्ध व्यापारियों ने राष्ट्रिय मानवाधिकार एसोसिएशन, ओबरा , सोनभद्र (भारत ) के बैनर तले लगातार दूसरे दिन भी प्रदर्शन कर जिला प्रसाशन सोनभद्र व रोड वेज विभाग से मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर हजारों लोगों को नहीं उजाड़ने की किया मांग। इस मौके में ओबरा बाजार बचाओ आंदोलन मानवाधिकार टीम सयोंजक प्रमुख गिरीश पांडेय सहित तमाम आंदोलनरत व्यापारियों ने कहा की कोरोना वायरस जैसे महामारी से हुए लाकडाउन के चलते वैसे ही गरीब व मध्यम वर्ग के व्यापारी अपनी आजीविका को लेकर काफी परेशांन है वही हम व्यापारियों को यदि यहाँ से हटाया गया तो काफी व्यापारी आत्म हत्या करने व हार्ट अटैक के शिकार होंगे अतः ऐसी परिस्थति में व्यापारियों को नहीं उजाड़ा जाय। ईस मौके पर ओबरा बाजार बचाओ मानवाधिकार आंदोलन संयोजक प्रमुख गिरीश पांडेय, धर्मेंदर सोनी, संयोजक लाल बाबू सोनकर, तुलसी गुप्ता, सचिन, नसीम, शमशेर,हारून, राहुल केशरी, विकाश अग्रहरि, राहुल चौधरी, मंसूर, दिलीप,नन्दलाल, काफी लोग मौजूद रहे।



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