आज खरमास से शुरू, लग्न समाप्त, अब विवाह मुहूर्त 22 अप्रैल से होंगे शुरू

खरमास बुधवार से आरंभ हो जाएगा। इसके साथ ही एक माह तक सनातनी समाज के बीच विशेष धार्मिक अनुष्ठान नहीं होंगे। सूर्य की धनु संक्रांति के साथ ही धनुर्मास भी आरंभ होगा। पूरे एक माह तक रातू रोड में श्री लक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में विशेष अनुष्ठान होंगे।

लग्न समाप्त, अब 22 अप्रैल से शुरू होंगे विवाह :
मंगलवार को रात में 9.31 बजे बजे ग्रहों के राजा सूर्य वृश्चिक राशि को छोड़ कर देवगुरु वृहस्पति की राशि धनु में प्रवेश कर गए। राशि परिवर्तन के साथ खरमास आरंभ हो गया। इसके साथ ही विवाह के कारक शुक्र अस्त हो गए। इसके साथ ही लग्न मुहूर्त समाप्त हो गए। अब सूर्य 14 जनवरी को दिन के 8.14 बजे तक धनु राशि में रहेंगे। एक माह के खरमास के बावजूद मकर संक्रांति के बाद इस बार विवाह मुहूर्त नहीं होंगे। अब करीब चार माह बाद 22 अप्रैल से लग्न शुरू होंगे, तब फिर से शहनाईयों की आवाज गूंजेगी। ज्योतिषाचार्य आचार्य पीके युग ने बताया कि विवाह मुहूर्त हरि प्रबोधिनी एकादशी पर 25 नवम्बर को बंद हो गए थे। इसके 148 दिन बाद चातुर्मास समाप्त होने पर तुलसी विवाह के मौके पर 25 नवम्बर से फिर से लग्न आरंभ हुए थे। नवम्बर और दिसम्बर में आठ श्रेष्ठ समेत 13 विवाह मुहूर्त में विवाह योग्य कई युवक-युवती परिणय सूत्र में बंधे।

विशेष धार्मिक अनुष्ठान नहीं होंगे :
नए साल में 14 जनवरी को मकर संक्रांति तक सनातनी समाज में विशेष धार्मिक अनुष्ठान महायज्ञ, यज्ञोपवित संस्कार, द्विरागमन, मुंडन, गृह प्रवेश, देवी-देवताओं की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा, मंदिरों के उद्घाटन समेत अन्य प्रमुख अनुष्ठान बंद रहेंगे।

कोट:
ग्रहों के राजा सूर्य के राशि परिवर्तन के साथ आरंभ होने वाले खरमास के दौरान सुबह में भगवान सूर्यदेव को जल अर्पित करना, पूजा और सामर्थ्य के मुताबिक दान समेत गो सेवा पुण्यकारी है।



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