“एक गांव-एक बाग योजना” : लगाए गए पौधे अपनी बदहाली पर बहा रहे आंसू

रमेश यादव (संवाददाता)

– लापरवाही से दुद्धी ब्लॉक में दम तोड़ रही “एक गांव एक बाग” योजना

– दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र 25 ग्राम पंचायतों में लगाई गई है बाग

दुद्धी। पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार द्वारा चलाई गई एक गांव एक बाग योजना अधिकारियों की लापरवाही से दम तोड़ती हुई नजर आ रही हैं।इस योजना के तहत ब्लॉक क्षेत्र के 25 चुनिंदा गांवों में एक बाग लगाई गई हैं जिसमें बाग की देखभाल एवं सुरक्षा की भी व्यवस्था की गई हैं ताकि उस बाग में लगे फलदार पेड़ बड़े होकर एक छोटे से व्यवसाय का साधन बन सके साथ ही पर्यावरण संरक्षण हो सके लेकिन दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र के जितने भी गांवों में बाग लगाए गए हैं वहां की सुविधाओं को देखकर यह लगने लगा है कि यह योजना भी हर साल बड़े पैमाने पर किए जाने वाले बृक्षारोपण कार्यक्रम ही बनकर रह जायेगी।जबकि एक गांव एक बाग योजना सरकार योजनाओं में शुमार रही हैं जिसके तहत बेहतरीन गुणवत्ता के फलदार आम के पेड़ बाग के रूप में विकसित करने की योजना है जिस पर सरकार की तरफ से लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण एक गांव एक बाग योजना अपने शुरुआत के लगभग 6 महीने में भी एक बागीचा का रूप धारण नही कर सका है।जो एक सवालिया निशान हैं। गांवों में लगे बाग की सुरक्षा के लिए मनरेगा के तहत चारो तरफ सुरक्षा खाई खोदी जानी थी और उसकी देखभाल के लिए चौकीदार भी रखनी है लेकिन यह सब काम सिर्फ कागजों पर चल रहा है।
बता दें कि बरसात के शुरुआत में ही बड़े पैमाने पर पौधरोपण के साथ साथ दुद्धी ब्लॉक के 60 ग्राम पंचायतों में से 25 चुनिंदा गांवों में एक गांव एक बाग योजना के तहत सैकड़ों फलदार बृक्ष लगाए गए थे ताकि भविष्य यह एक बागीचा बन सके लेकिन आज लगभग 6 महीने के अंदर दुद्धी ब्लॉक के शायद ही किसी गाँव में यह योजना बाग का रूप ले पाया हो भले ही सरकार ने इसके लिए लाखों रुपए खर्च कर दिए हैं लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही देखने को मिल रही हैं।

इस सम्बंध में खण्ड विकास अधिकारी रमाकांत सिंह ने कहा कि एक बाग एक गांव योजना के तहत लगे बाग की देखभाल करवाई जा रही हैं बहुत गांवों में बाग अपने प्रगति पर भी है।उसकी देखभाल के लिए ग्राम पंचायत को जिम्मेदारी दी गई हैं।उन्होंने कहा कि एक गांव एक बाग योजना को लेकर कही से भी लापरवाही सामने आती हैं तो सम्बंधित गांव के ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम प्रधान जिम्मेदार होंगे।



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