आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री-प्राइमरी स्कूल की तर्ज पर मिलेगी शिक्षा

संजीव कुमार पांडेय (संवाददाता)

राजगढ़ । जनपद में आंगनबाडी केंद्र अब प्री-प्राइमरी स्कूल के रूप में संचालित होंगे। प्री-प्राइमरी की तर्ज पर बच्चों को शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग और बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कवायद आरंभ कर दी है। कोरोना संक्रमण से निजात मिली तो संभावना है कि जनवरी से पठन-पाठन आरंभ हो सकेगा। निर्धारित पाठ्यक्रम के तहत इसमें बच्चों को चित्र, कार्टून, कठपुतली के अलावा खेल-खेल में पढ़ाने का रोचक तरीका बताया जाएगा।
प्रदेश सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को वर्ष 2021 से प्री-प्राइमरी शिक्षा के रूप में संचालित करने की तैयारी में है। योजना के तहत जिले में भी संचालित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्री स्कूल में संचालित किया जाएगा। योजना के तहत बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग और बेसिक शिक्षा विभाग संयुक्त रूप से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य संविकाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सभी ब्लाक की दो-दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व दो-दो मुख्य सेविकाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद करीब 40 प्रशिक्षक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और संविकाएं सभी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देंगी। वर्तमान समय में जनपद में 2668 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं, इसमें 2491 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं को प्रशिक्षित की जाएंगी।
एक नजर—–
आंगनबाड़ी केंद्र : 2668
उप केंद्र –
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता -2491
ठंडी में समय : सुबह 10 से दोपहर दो बजे
गर्मी में समय : सुबह 8 बजे से दोपहर एक बजे।
0-6 वर्ष के बच्चे : तीन लाख 12 हजार—

आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी स्कूल की तरह संचालित करके बच्चों को शिक्षा देने की योजना है। योजना ने मूर्तरूप लिया तो नौनिहालों को काफी लाभ होगा। मुख्य सेविकाओं और दो-दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।

– पीके सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी।



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