यूपी में फिर गरमाया आरक्षण का मुद्दा, मुस्लिम कायस्थ पिछड़ी में हो सकते हैं तो हिन्दू क्यों नहीं?

आनंद चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । भीषण ठंड में जहां एक तरफ किसान आंदोलन ने राजनीति गर्म करने के साथ सरकार को बैकफुट पर खड़ा कर दिया है । वहीं यूपी के बरेली से भाजपा विधायक अरुण कुमार सक्सेना के एक पत्र ने न सिर्फ यूपी के राजनीतिक गलियारे में भी हड़कम्प मचा दिया बल्कि यूपी सरकार के लिए एक बड़ी मुसीबत खड़ा कर दी है ।

दरअसल भाजपा विधायक ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को पत्र लिखकर हिन्दू कायस्थ को आरक्षण दिए जाने की मांग करते हुए नई बहस छेड़ दी है। भाजपा विधायक ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सूची में सम्मिलित जातियों में मुस्लिम कायस्थ को शामिल किए जाने पर सवाल खड़ा कर दिया है ।
बरेली से भाजपा विधायक का पत्र वायरल होने के बाद यूपी में हिन्दू कायस्थ वर्ग अब लामबंद होने लगे हैं और आरक्षण में अपना हक लेने के लिए आंदोलन की रणनीति बनाने में जुट गए हैं ।

इसी क्रम में सोनभद्र में हिन्दू कायस्थों ने डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद की जयंती के अवसर पर कायस्थ जागरण दिवस मनाकर सरकार से इसे संशोधित करने की मांग की है ।

इस अवसर पर हिन्दू कायस्थों ने मशाल जलाकर इस आंदोलन की शुरुआत की। सोनभद्र से शुरू किए गए इस आंदोलन पर कायस्थ महासभा के लोगो का कहना है कि बरेली विधायक ने पत्र के माध्यम से आरक्षण का मुद्दा उठाया है, उसकी अलख आज सोनभद्र से जल चुकी है ।
वहीं अन्य हिन्दू कायस्थ के लोगों का कहना है कि अगर पिछड़ी आरक्षण सूची में मुस्लिम कायस्थ को शामिल किया जा सकता है तो हिन्दू कायस्थों को अब तक क्यों बाहर रखा गया ।

बहरहाल हिन्दू कायस्थों ने आरक्षण मुद्दे को लेकर सूबे की राजनीति गर्म कर दी है । अब देखना यह है कि सरकार इस मुद्दे का क्या हल निकालती है ।



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