महंगी होती सब्ज़ियों ने बिगाड़ा घरों का बजट

फ़ैयाज़ खान मिस्बाही(ब्यूरो)

ग़ाज़ीपुर। बाजार में भरपूर आवक के बावजूद हरी सब्जियां महंगी होने लगी हैं।महंगाई का एक बड़ा कारण यह भी है कि गांव में फेरी वाले दोगुनी कीमत पर सब्जियां बेच रहे हैं।ऐसे में आम आदमी परेशान हैं।नवंबर में हरी सब्जियों की भरपूर आवक होती है इसलिए अन्य दिनों की तुलना में सब्जियां सस्ती मिलती हैं। सितंबर-अक्टूबर में इस बार हरी सब्जियां बिहार से आ रहीं थीं। नवंबर के पहले हफ्ते में स्थितियों में तेजी से बदलाव आया और बाजार में भरपूर आवक की वजह से सब्जियां सस्ती हो गई थीं, लेकिन 15 नवंबर के बाद फुटकर बाजार में सब्जियों के दाम बढ़ने लगे।मुनाफाखोरी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दस रुपये किलो मिलने वाला बाजार में साग 30 रुपये किलो,15 रुपये किलो वाली पत्ता गोभी व बैगन 40 रुपये में बेचे जा रहे हैं। वहीं कीमत के मामले में नया आलू और प्याज (60 रुपये किलो) पर एक -दूसरे को टक्कर दे रहे हैं।थोक सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि सब्जियों की आवक भरपूर है। स्थानीय सब्जियां भी आ रही हैं। फुटकर विक्रेता लोगों से ज्यादा मुनाफा वसूल रहे हैं।
*सब्जियों की कीमतें (प्रतिकिलो में)*
परवल – 80 – 90
लौकी – 20 – 24
हरी मिर्च- 60 – 62
आलू – 50 – 60
प्याज – 60 – 65
गोभी – 30 – 40
खीरा – 30 – 40
नेनुआ – 36 – 40
भिडी – 40 – 50
बैगन – 30 – 40
टमाटर – 50 – 60



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