एक मलेरिया निरीक्षक की शिकायत पहुँची सतर्कता विभाग, गोपनीय जाँच शुरू

आनंद कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । योगी के जीरो टॉलरेंस वाली सरकार में कई भ्रष्टाचारी आज भी सलाखों के पीछे है और कईयों के खिलाफ जांच चल रही है। ऐसा ही एक जांच इन दिनों सोनभद्र के स्वास्थ्य विभाग में तैनात एक मलेरिया निरीक्षक के खिलाफ चल रही। मिर्जापुर के एक शिकायतकर्ता ने सोनभद्र में तैनात मलेरिया निरीक्षक के खिलाफ भ्रष्टाचार का बड़ा व गंभीर आरोप लगाते हुए 21 सितंबर 2020 को एक शिकायती पत्र सीधे अध्यक्ष, राज्य सतर्कता समिति उत्तर प्रदेश को लिखा है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने इस मामले को विशेष सचिव गृह को भेज दिया। जिसके बाद 15 अक्टूबर 2020 को अनु0 सचिव सतर्कता, प्रेम प्रकाश सिंह ने जिलाधिकारी सोनभद्र को एक गोपनीय पत्र लिखकर एक सप्ताह के भीतर इस पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट शासन को भेजने की बात लिखी है। पत्र मिलते ही जिलाधिकारी सोनभद्र ने इस प्रकरण की जांच सीडीओ को दे दी ताकि निष्पक्ष जांच कराकर रिपोर्ट शासन को भेजी जा सके।

स्वास्थ्य विभाग में तैनात उक्त मलेरिया निरीक्षक के खिलाफ शासन स्तर से जांच शुरू होने के बाद विभाग में हड़कम्प मचा हुआ है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग में तैनात यह मलेरिया निरीक्षक मूल काम छोड़कर अन्य सभी कार्य करते हैं। इतना ही नहीं शिकायतकर्ता का आरोप है कि मलेरिया निरीक्षक के ऊपर सीएमओ का भी हाथ है, जिसकी वजह से वह इतनी हिम्मत दिखा पा रहा है। डॉक्टरों की तैनाती से लेकर स्वास्थ्य विभाग में चार पहिया वाहन लगाने का काम भी उक्त मलेरिया निरीक्षक ही करता है। जिले में जो भी सप्लाई होती है वह बिना उक्त मलेरिया निरीक्षक के सम्भव नहीं है।

अभी हाल ही में जिला अस्पताल के सीएमएस ने भी उक्त मलेरिया निरीक्षक के ऊपर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया था कि जिला अस्पताल में अवैध रूप से संचालित एक गोदाम उक्त मलेरिग निरीक्षक की देखरेख में संचालित होता है और अवैध रूप से संचालित इस गोदाम में क्या है किसी को कोई जानकारी नहीं है। सीएमएस ने इसे खाली करने के लिए संबंधित विभाग को कई बार पत्र लिख और मौखिक रूप से सूचना दिया था लेकिन उक्त मलेरिया निरीक्षक की पहुँच व दबंगई की वजह से उक्त गोदाम खाली नहीं हो सका। सूत्रों की मानें तो जनपद में सीएमएस के न रहने पर ने अभी हाल ही में देर रात उक्त गोदाम को खोलकर कुछ सामानों की ढुलाई भी की गई।

सूत्रों की मानें तो उक्त मलेरिया निरीक्षक ने अपने भाई को भी स्वास्थ्य विभाग में चौकीदार के पद पर लगा रखा है, जिसके बारे में स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों को खुद नहीं पता। सूत्रों की माने तो इन दिनों उक्त मलेरिया निरीक्षक अपने घर का गृह प्रवेश करने की तैयारियों में जुटा हुआ है।

ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जहां एक तरफ सीएम योगी आदित्यनाथ प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में जुटे हुए हैं, वहीं सोनभद्र के स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार इस कदर हावी है कि अब सरकार के कान खड़े होने लगे हैं। शायद यही कारण है कि गृह विभाग अब उक्त मलेरिया निरीक्षक की गोपनीय जांच शुरू कर दी है। फिलहाल सतर्कता विभाग के जांच के साथ यदि आर्थिक अपराध शाखा से भी जांच करा ली जाय तो निश्चित तौर पर बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा हो सकता है और योगी सरकार को सेंध लगाने वाले ऐसे भ्रष्टाचारियों के चेहरे भी बेनकाब हो सकता है।”



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