पूर्व विधायक राजित के हृदयांजली समारोह में टूटी दलगत सीमाएं, सभी दलों के जनप्रतिनिधियों ने अर्पित किए अपने श्रद्धासुमन

राकेश यादव रौशन (संवाददाता)

* सादगी और सच्चरित्रता की प्रतिमूर्ति थे पूर्व विधायक राजित प्रसाद यादव

मारूफपुर (चन्दौली)। सैदपुर विधान सभा से दो बार विधायक रहे और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के सबसे क़रीबी लोगों में शुमार ब्रम्हलीन राजित प्रसाद यादव जी के पैतृक गांव मसौनी में आयोजित हृदयांजली समारोह में वाराणसी, गाजीपुर और चन्दौली जनपद के विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों ने दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर उन्हे अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम में बोलते हुए पूर्व सांसद गाज़ीपुर राधेमोहन सिंह ने कहा कि राजित बाबूजी हम लोगों के प्रेरणाश्रोत थे। उनका जाना हमारी व्यक्तिगत क्षति है। पूर्व सांसद चन्दौली रामकिशुन यादव ने कहा कि जब दो बार के विधायक रहने के बाद भी उन्होंने अपने लिए न कोई घर बनाया न कोई गाड़ी ली और न ही कोई बैंक बैलेंस किया। ईमानदारी ही उनकी जीवन भर की पूंजी थी। पूर्व सांसद चन्दौली कैलाशनाथ सिंह यादव ने कहा कि राजनीति में उनके कद का कोई जनप्रतिनिधि आज नहीं है। उनका पूरा जीवन एक संत के समान था। वे पद प्रतिष्ठा जैसे शब्दों से बहुत ऊपर थे। सकलडीहा विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव ने कहा कि जीवन के विभिन्न अवसरों पर विधायक जी का सानिध्य मिला, वे राजनीतिक व्यक्ति कम, समाजसेवी ज्यादा लगते थे। सैयदराजा के भाजपा विधायक सुशील सिंह ने कहा कि बाबूजी से हमसे कम ही मुलाकात हो पाती थी, किन्तु जो उनके बारे में सुना, वह हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। भदोही के भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री दीनानाथ भाष्कर ने कहा कि वे दल की नहीं, दिल की राजनीति करते थे।

धानापुर के पूर्व प्रमुख देवेंद्र सिंह ने कहा कि राजनीति में ऐसे लोगों का आगमन कभी कभी होता है। विधायक जी के जाने से एक बड़ा गैप हो गया है। पूर्व मंत्री बहादुर यादव ने कहा कि राजित जी हमारे सगे बड़े भाई के समान थे। उनका सादगी भर जीवन नई पीढ़ी का हमेशा मार्गदर्शन करता रहेगा। सपा के पूर्व सांसद प्रत्याशी शालिनी यादव ने कहा कि बाबूजी समाज के गौरव थे।। ईष्या, द्वेष, अहंकार उनको छू भी नहीं पाया था। पूर्व विधायक सैयदराजा मनोज सिंह डब्ल्यू ने अपना संस्मरण सुनाया कि बाबूजी से मेरी पहली मुलाकात 2012 के विधानसभा चुनाव में सैयदराजा में हुई थी। उनका अपनापन और पुत्रवत स्नेह आज तक मुझे याद है।सपा के प्रदेश प्रवक्ता मनोज सिंह काका ने कहा कि मैं सौभाग्यशाली हूँ कि देवलोक गमन से ठीक पहले बाबूजी की आवाज सुनने वाला मैं आखिरी व्यक्ति था। बाबूजी की यादें हमेशा दिल में रहेगी। गाजीपुर के एमएलसी विजय यादव ने कहा कि राजित भैया के जाने से मेरे परिवार का गार्जियन चला गया। यह मेरी व्यक्तिगत क्षति है। युवा शक्ति संघ के अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि संघ द्वारा प्रतिवर्ष 12 जनवरी को मनाये जाने वाले युवा महोत्सव में बाबूजी के नाम से समाज के कर्मठ व्यक्तियों को पुरस्कृत किया जाएगा।

समारोह में सपा के सेचन यादव, प्रसपा के पारस यादव, विद्यापीठ के अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह, अरुण दुबे, समाजसेवी आरबी यादव, सपा के चन्दौली जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर, सपा के वाराणसी जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़, डॉ. उमाशंकर यादव, डॉ. उमाकांत यादव, भाजपा वाराणसी के पूर्व जिलाध्यक्ष रामप्रकाश दुबे, डॉ. अरुण सिंह, डॉ. अरविंद यादव, गोवर्धन पूजा के पूर्व अध्यक्ष विनोद यादव, सयुस के पूर्व जिलाध्यक्ष चकरु यादव, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में बाबूजी के जुड़े लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन राकेश रौशन, अध्यक्षता हुकुम यादव ने और धन्यवाद ज्ञापन विधायक जी के बड़े पुत्र फ़िल्म अभिनेता भारतभूषण यादव ने किया।



अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!