भगवान भास्कर के उगते स्वरूप को अर्घ्य के साथ छठ पूजा का समापन

रमेश यादव ( संवाददाता )दुद्धी ।सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूजा शनिवार को भगवान भास्कर के उगते स्वरूप के अर्घ्य के साथ समाप्त हो गया।शनिवार को छठ पूजा घाटों तथा नदियों एवं जलाशयों और तालाबों के किनारे पहुँच कर उदयाचल सूर्य को अर्घ्य दिए और भगवान भास्कर से मंगल कामना की।इस तरह लगभग 4 दिन तक चलने वाली सूर्य उपासना का कठिन व्रत का पारन किया गया।इसके पूर्व शुक्रवार को महिलाएँ छठ पूजा घाट के लिए 4 बजे से धीरे धीरे निकलना शुरू कर दिए ।व्रतधारी महिलाएं अपनी अपनी मनौती के अनुसार लेट कर भी जगह जगह सूर्य एवं छठ मईया को नमन करते हुए छठ घाट पहुचीं।छठ घाट पर स्नान कर महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य के बाद छठी मईया के थाला पर बैठ गई हैं ।रातभर जलाशयों के किनारे रात गुजारने के बाद सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ 4 दिन तक चलने वाले छठ पूजा का समापन हो गया।कस्बे के प्राचीन शिवाजी तालाब,कैलाश कुंज द्वार मल्देवा ,लाऊवा नदी,खजुरी शिव मंदिर, दिघुल ठेमा नदी तथा टेढ़ा छठ घाट सहित अन्य स्थानों पर छठ पूजा के लिए महिलाओं ने उगते सूरज को अघ्य देकर छठ पूजा का पारन किया ।थाला पर बैठीं जो शनिवार को उदयाचल सूर्य को अर्घ्य देंगी।प्राचीन शिवाजी तालाब व कैलाश कुंज द्वार,लाऊवा नदी,ठेमा नदी, टेढ़ा कनहर नदी छठ घाट पर छठ पूजा आयोजक समिति के आलावा सुरक्षा की दृष्टि से कोतवाल पंकज कुमार सिंह तथा एसएसआई वंश नारायण सिंह,एस आई संतोष सिंह,सुधीर सिंह सहित अन्य पुलिस जगह जगह छठ घाटों पर मुश्तैद रही।वही टेढ़ा कनहर नदी छठ घाट पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मुख्तार अंसारी, बी डी सी श्याम किशोर यादव,पूर्व बी डी सी सरजू यादव,मानदेव यादव,बृजकिशोर यादव,गिरधारी चेरो,कांस्टेबल मनीष,प्रदीप तथा चौकीदार धनराज उपस्थित रहे।



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