सोसल डिस्टेंस के साथ महिलाओं ने डूबते सूर्य को दिया अर्घ्य

घनश्याम पांडेय/विनीत शर्मा (संवाददाता)

चोपन। छठ पर्व पर शाम होते ही नदियाें, पोखरों और तालाबों के छठ घाटों पर महिला श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। व्रती महिलाएं घुटने भर पानी में खड़ा होकर डूबते भगवान भास्कर को प्रथम अर्घ्य दिया। रात भर नगर व गांवों में छठ मईया के गीत गूंजते रहे। छठ व्रत रखने वाली महिलाएं शुक्रवार सुबह से ही तैयारी में लग गईं। विविध प्रकार के पकवान बनाए गए। इसे एक बड़े पात्र में रखा गया। सुबह से ही निर्जल रहकर स्नानादि और श्रृंगार कर महिलाएं परिवार के लोगों के साथ छठ घाटों पर पहुंची। दीप प्रज्वलित कर छठ मईया की पूजा की गई। इसके बाद एक दीप गंगा मईया और एक दीप भगवान भास्कर को अर्पित किया। यह सब करने के बाद महिलाएं नदी, तालाब और पोखरों में कमर भर पानी में जाकर खड़ी हो गईं। भगवान भास्कर के डूबने पर उन्हें अर्घ्य दिया गया। इसके बाद व्रती महिलाएं परिवार के सदस्यों के साथ घर लौट आईं। सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही यह व्रत पूरा हो जाएगा।

आगे बताते चले कि हर वर्ष की भांति इस बार कोविड-19 के चलते अधिकतर लोग मास्क पहने दिखाई दिए और तो और लोग सोसल डिस्टेंस का पालन करते भी दिखे आदर्श नगर पंचायत द्वारा श्रद्धालुओं के लिए मास्क व सेनेटाइजर की भरपूर व्यवस्था की गई थी नगर पंचायत द्वारा किये गए व्यवस्थाओं को लोगो ने खूब सराहा माइक द्वारा लोगों से बार बार सोसल डिस्टेंस का पालन करने व मास्क के प्रयोग के लिए अपील भी की जा रही थी जिसके वजह से शाम का पूजा सकुशल सम्पन्न हुआ।



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