सरकारी दिशा-निर्देश के तहत आयोजित होगी सततवाहिनी तट की महाआरती

धर्मेन्द्र गुप्ता (संवाददाता)

-कोरोना संकट के कारण केवल100 लोग ही महाआरती में हो सकेंगे शामिल

-आकर्षण का केंद्र होता है विंढमगंज के सततवाहिनी तट पर होने वाला महाआरती

विंढमगंज । स्थानीय भारतीय इंटरमीडिएट के खेल मैदान पर सन क्लब सोसायटी के अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि छठ पूजा के पावन पर्व पर कोरोना महामारी के मद्देनजर सरकार के द्वारा मिला दिशा निर्देश के अनुपालन में छठ व्रत करने आई हुई माताओं बहनों को सैनिटाइजर व मास्क के साथ छठ व्रत स्थल पर आने की अनुमति के लिए बार-बार बताया जा रहा है ।जहां करोना के मद्देनजर छठ पर्व पर व्रत करने वाले माता एवं बहनों व श्रद्धालुओं की भीड़ काफी कम रहे। फिर भी सन क्लब सोसायटी के द्वारा समुचित व्यवस्था छठ व्रत करने वाली माता और बहनों के लिए कराया गया है। छठ स्थल पर किसी भी तरह का कोई मेले का आयोजन नहीं किया गया है न ही बिना मास्क के प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।

-आकर्षण का केंद्र होता है विंढमगंज के सतत वाहिनी तट पर होने वाली महाआरती

छठ पूजा के अवसर पर होने वाली महाआरती छठ पूजा का सबसे आकर्षक का केंद्र होता है ।सूर्य मंदिर पर शुक्रवार की शाम और शनिवार की सुबह सततवाहिनी नदी पर स्थित चेक डैम के बीच बने स्टेज पर सुबह होने वाले महा आरती इस बार कई मामले में अनोखा होगा। अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि करोना संकट के कारण शुक्रवार की शाम होने वाली महाआरती में मात्र 100 लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा ।इसके लिए बाकायदा बेरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। सोशल डिस्टेंस के लिए जगह-जगह गोलाकार चिन्ह बनाया जा रहा है।

-काशी के विद्वानों के मंत्रोचार के साथ सम्पन्न होती है महाआरती

हर साल की भांति होने वाले महाआरती करने के लिए बनारस से विद्वान पंडितों को बुलाया गया है। महा आरती के लिए सुर्य मंदिर के सामने और सततवाहिनी नदी के बीच धार में आकर्षक स्टेज बनाया जा रहा है। पहले महाआरती के समय आरती के समय काफी भीड़ होती है। करीब 5000 से अधिक महिला पुरुष श्रद्धालु इस आरती में भाग लेते हैं। सततवाहिनी नदी के किनारे आरती के समय विहंगम दृश्य देखते ही बनता है। शंख, डोल और घंटी के आवाज से पूरा वातावरण भक्ति में खो जाता है। लोग दूर दूर से इस आरती में शामिल होने के लिए यहां आते हैं लेकिन करोना संकट के कारण पूरा नजारा ही बदल गया है। श्रद्धालु महिलाएं अब अपने थाला पर से ही खड़ा होकर दूर से महाआरती में शामिल होंगी। महा आरती स्थल पर जाने के लिए बिना मार्क्स का किसी को भी इजाजत नहीं दिया जा रहा है। आरती में शामिल होने वालों को मार्क्स लगाना अनिवार्य है। सन क्लब सोसायटी जो इस आरती का आयोजन करता है उनका दावा है कि छठ पूजा के अवसर पर ऐसी आरती पूरे जिले में कहीं नहीं होती है।


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