छठ वेदियां तैयार, जमकर हो रही खरीदारी

घनश्याम पांडेय/विनीत शर्मा (संवाददाता)

चोपन। सूर्य उपासना का पर्व आज बुधवार को नहाए खाए के साथ शुरू हो जाएगा ब्रती महिलाएं शाम को लौकी की सब्जी और चने की दाल के साथ ही अरवा चावल के भात से व्रत की शुरुआत करेंगी गुरुवार को खरना की रस्म होगी महिलाओं ने पर्व के मद्देनजर जमकर खरीदारी कर रही हैं हालांकि कोरोना वायरस को देखते हुए इसका असर छठ महापर्व पर भी पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

स्थानीय कैलाश मंदिर के पुजारी चंद्रशेखर पांडेय उर्फ राजू का कहना है कि सूर्य पूजा की परंपरा बहुत ही पुरानी है सूर्य पूजा का विशिष्ट दिवस सूर्य षष्ठी है जो कि डाला छठ के नाम से भी जाना जाता है छठ पर्व पर बड़े ही धूमधाम से अस्ताचलगामी सूर्य की आराधना होती है कार्तिक सुख-दुख सप्तमी को उदयीमान भगवान दिनकर को अर्ध देकर उन से मन्नत मांगी जाती है महिलाएं अपने पुत्र और सुख समृद्धि की कामना करती है। कहते हैं कि इसी दिन वेदमाता गायत्री का जन्म हुआ था साथ ही सीधे ऋषि विश्वामित्र के मुख से गायत्री मंत्र उद्धव हुआ था तभी से छठ पूजा की परंपरा शुरू हुई इसी मान्यता के तहत व्रती महिलाओं ने शाम को लौकी की सब्जी और चने की दाल के साथ ही अरवा चावल के भात से व्रत की शुरुआत करेंगी 20 नवंबर को विधि विधान से महिलाएं अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगी साथ ही 21 नवंबर को उगते सूर्य को अर्ध देकर व्रत का पारण करेंगी।

उधर महिलाएं बाजारों में सूप,डलिया, पूजा सामग्री और फलों आदि की खरीदारी की यही वजह था कि बाजारों में पूरे दिन गहमागहमी का आलम रहा स्थानीय संवाददाता के अनुसार छठ महापर्व की तैयारी पूर्ण हो गई है इस बार 18 नवंबर से छठ पूजा की शुरुआत हो रही है जो 21 नवंबर को पारन के साथ सूर्य उपासना का पर्व छठ पूजा का समापन होगा स्थानीय नगर क्षेत्र में छठ पूजा को लेकर काफी उत्साह रहती है लोग जोर शोर से छठ पूजा व्रत करते हैं।



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