समाजिक विकृति की देन है बालिकाओं का शोषण -रामानुज शरण शास्त्री

विनोद कुमार (संवाददाता)

शहाबगंज। अमांव गांव में बाबा मुरलीधर सेवा समिति के तत्वाधान में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के दूसरे दिन कथा व्यास रामानुज शरण शास्त्री जी ने याज्ञवल्क्य और भारद्वाज जी के प्रसंग के साथ सती जी द्वारा प्रभु श्री राम के परमात्मा होने पर संदेह करना और उनकी परीक्षा लेने के बाद शिव जी द्वारा सती के परित्याग के साथ पार्वती जी के जन्म की कथा सुनाई।कथा के माध्यम से व्यासजी बताया वर्तमान समय में कन्याओं पर हो रहे अत्याचार समाजिक विकृति की देन है।उन्होंने कथा को विस्तार देते हुए महाराज हिमालय ने माता पार्वती के जन्म अवसर पर उत्सव का आयोजन कराया और समाज में कन्याओं के संवर्धन का संदेश दिया है ।आज के समय में कन्या की भ्रूण हत्या हो जा रही है, कन्या सुरक्षित नहीं है हमें एक स्वर्णिम राष्ट्र बनाना है तो हमें कन्या का समवर्धन संरक्षण करना होगा l पुराणों में भी कहाँ गया यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमणते तत्र देवता l जहां स्त्रियों का सम्मान होता उनका आदर किया जाता है वहां देवता निवास करते हैं इस दौरान हौशिला विश्वकर्मा, सुनील चौहान ,पूर्व प्रधान अनिल गुप्ता,फूलन चौहान,अभिषेक वर्मा,अविनाश विश्वकर्मा, होशीला यादव,रामभरोस चौहान सहित भक्तगण उपस्थित रहे।



अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!