दीपावली पूजन का शुभ मुहूर्त एवं विधि

डां0 शशि कुमार पाठक पीएचडी (विद्यावारिधि 9452699778)

कार्तिक कृष्णा चतुर्दशी दिन शनिवार दिनांक 14 नवंबर 2020 को चतुर्दशी युक्त अमावस्या पड़ रही है, जो कि दिन में 18 घटी 2 पल यानी दिन 1:49 के बाद अमावस्या तिथि हो जाए रही है, जोकि प्रदोष काल तथा संपूर्ण रात में में व्याप्त है। अतः दीपावली का शुभ पर्व आज ही होगा। दीपावली पूजन में मुख्य रूप से प्रदोष काल का विशेष महत्व होता है। इसके साथ स्वाति नक्षत्र रात्रि 8:45 तक है तथा अस्थि लगना वृष राशि सायं 5:33 से रात्रि 7:29 तक की प्रधानता है। गणेश ,लक्ष्मी, वही, बसना, रजिस्टर, दावत, कुबेर आदि का पूजन स्थिर लग्न में किया जाता है । आज दिन में स्थिर लग्न कुंभ दिन में 1:49 से 2:28 तक। सिंह स्थिर लग्न रात्रि 12:01 से रात्रि 2:15 तक तथा वृष स्थिर लगना सायं 5:30 से 7:29 तक पूजन का विशेष योग बन रहा है ।निशीथ काल में रात्रि 11:34 से रात्रि 12:27 तक है जो की सिंह राशि इसमें स्थिर लग्न सिंह निशीथ काल का योग 12:01 तक प्राप्त होता है। इस योग में महाकाली पूजन (काली कलम, काली स्याही) आदि का पूजन होता है। इसके इसके अतिरिक्त दिन में भी उपरोक्त स्थिर लग्न में पूजा किया जाता है। विशेषकर प्रदोष काल मैं लक्ष्मी कुबेर आदि का पूजन मान्य होता है।



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