लापरवाही बरतने के आरोप में अवर अभियन्ता का वेतन वृद्वि रोकने व सहायक अभियन्ता को मिली प्रतिकूल प्रविष्टि

दीनदयाल शास्त्री (ब्यूरो)

पीलीभीत । बार्डर एरिया डेवलपमेंट कार्यक्रम के अन्तर्गत स्वास्थ्य उपकेन्द्र कबीरगंज का निर्माण कार्य कार्यदायी संस्था चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग (मुख्य चिकित्साधिकारी, पीलीभीत) द्वारा रू0 13.04 लाख की लागत से कराया गया था। उक्त निर्माण कार्य के पूर्ण होने के उपरान्त जांच जिला कृषि अधिकारी एवं अवर अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग से करायी गयी। जांच रिपोर्ट के अनुसार ‘‘विश्राम कक्ष, लेवर कक्ष एवं आवास की छत एवं दीवारों पर शीलन आ रही है तथा विश्राम कक्ष आवास एवं क्लीनिक कक्ष की दीवारों में कुछ स्थानों पर प्लास्टर में कुछ स्थानों पर प्लास्टर में बड़ी बड़ी दरारें दिखाई दे रही है। फर्श के भरान में मिट्टी के बैठ जाने के कारण सामने की एप्रिन एवं आवास के फर्श में कुछ स्थानों पर फर्श बैठ गयी है तथा टूट गयी है। निर्मित स्वास्थ्य उपकेन्द्र पर आवागमन हेतु रास्ता भी नही है। जहां पर कीचड तथा पानी जमा होना पाया गया। पूरे भवन के रंग रोगन की स्थिति भी काफी दयनीय पायी। बाउण्ड्रीवाल में लगाये गये गेंट में भी जंग की स्थिति नजर आयी।
कार्यदायी संस्था चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सहायक अभियन्ता ए0के0 शर्मा द्वारा उक्त कार्य का सत्यापन किया गया था तथा विश्राम सिंह, अवर अभियन्ता की देखरेख में उक्त कार्य कराया गया था। उक्त दोनों अभियन्ताओं की लापरवाही के कारण सत्यापन में कमियां पायी गयी। उक्त पायी गयी कमियों हेतु अवर अभियन्ता विश्राम सिंह (कार्यालय मुख्य चिकित्साधिकारी, पीलीभीत) व सहायक अभियन्ता ए0के0शर्मा (कार्यालय अपर निदेशक, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवायें, बरेली मण्डल बरेली) प्रथम दृष्ट्या दोषी प्रतीत होते है।
जिलाधिकारी पुलकित खरे द्वारा उक्त प्रकरण में लापरवाही बरतने हेतु विश्राम सिंह, अवर अभियन्ता की एक वेतन वृद्वि स्थायी रूप से बाधित करने एवं ए0के0शर्मा, सहायक अभियन्ता को प्रतिकूल प्रविष्टि प्रदान करने की संस्तुति की गई है।



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