जिला स्तरीय रबी उत्पादकता गोष्ठी में बोले जिलाधिकारी- किसान भाई अपनी पराली न जलायें

जिले के किसान प्रसंशा के पात्र हैं, जिले में धान की कटाई-मड़ाई के दौरान अब तब कहीं से पराली न जलाये जाने की स्थिति का श्रेय किसान भाईयों को जाता है। किसान भाई अपनी पराली न जलायें, जिले में स्थापित सरकारी निराश्रित गौवंशों के गौशालाओं में दो टै्रैक्टर पराली पहुंचाने वाले किसान को गोवंशों का गोबर का खाद यानी कम्पोस्ट एक ट्रैक्टर उपलब्ध कराया जायेगा। किसान परम्परागत खेती के बजाय कम लागत के आधार पर अधिक उत्पादकता की वैज्ञानिक खेती करके आत्म निर्भरता की ओर बढ़ें। किसान अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त करें, जिसके लिए स्थानीय बाजारों, एनआरएलएम के स्वयं सहायता समूहों से सभी समन्वय स्थापित करके आगे बढ़ें।उक्त बातें जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम ने जिला स्तरीय रबी उत्पादकता गोष्ठी, रबी कृषि वैज्ञानिक संवाद, फसल पराली प्रबन्धन गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहीं। जिलाधिकारी ने कहा कि वाकई किसान बन्धु ही अन्नदाता हैं, जो कड़ी मेहनत करके नागरिकों के लिए अनाज उपजाते हैं, किसान बन्धु परम्परागत खेती के साथ ही रोजाना आमदनी की खेती व बागवानी आदि पर विशेष ध्यान देकर वैज्ञानिक खेती करते हुए कम लागत में अधिक अन्न उपजाकर आत्म निर्भर बनें, किसान भाई ज्यादा से ज्यादा उन्नतशील बीजों व जैविक खाद का उपयोग करें तथा एनजीटी के निर्देशों का अनुपालन करते हुए धान की पराली को न जलायें, ताकि पर्यावरण का संतुलन भी बना रहें। जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम व मुख्य विकास अधिकारी डॉ0 अमित पाल शर्मा ने कृषि व उद्यान मेला का शुभारंभ फीता काटने के पश्चात दीप प्रज्ज्वलित करके किया। किसान मेला/प्रदर्शनी में जिले के विभागों द्वारा लगी स्टालो का बारी-बारी से अवलोकन किया। अवलोकन के साथ ही स्टालों में लगी कृषि से जुड़े जरूरतमंद सामानों के उपयोगिता के बारे में जाना और अपने-अपने बहुमूल्य सुझाव भी प्रस्तुत किये।
जिलाधिकारी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि किसान बन्धुओं को सभी सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराया जाय। किसान बन्धु एनजीटी के निर्देशानुसार फसलों के अपशिष्टों/पराली को न जलाये। उन्होंने किसानों से अपील किया कि वे भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप कम पानी वाली वैज्ञानिक खेती करते हुए आत्म निर्भर बनें। उन्होंने कहा कि प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, ई-मण्डी, अनुदानित खाद, बीज व रसायनोंं का लाभ समयबद्ध तरीके से किसानों को मुहैया करायी जाय।
उन्होंने कहा कि सरकारी मशीनरी का दायित्व है कि वे कम लागत के आधार पर अधिक उत्पादकता वाली वैज्ञानिक खेती समय से किसानों को करने के लिए जागरूक करें और समयबद्ध तरीके से उन्नतषील बीज, उर्वरक आदि मुहैया करायें ,ताकि किसान वैज्ञानिक खेती के जरिये कम खर्चे पर अधिक पैदावार करके आत्म निर्भर बनें। जब तक किसान बन्धुओं का समुचित विकास नहीं होगा, तब तक देश चतुर्दिक विकास नहीं कर सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब सभी प्रकार की किसानों को दिये जाने वाले अनुदान की राशि सीधे उनके खाते में भेजी जा रही है। उन्होंने रबी उत्पादकता गोष्ठी के सम्बोधन के दौरान कहा कि सरकार द्वारा किसानों के भलाई के लिए चलायी जा रही योजनाओं को स्पष्ट रूप से धरातल पर दिखना चाहिए तभी सरकार की मंशा के अनुरूप किसानों के चेहरे पर असली मुस्कान देखने को मिलेगी। खेती या पीने की पानी की समस्या को देखते हुए जैसा कि हमारे प्रधानमंत्री ने कहा कि हर जल की बूंद का सही उपयोग किया जाय, तभी सही मायने में जल का संचयन अधिकाधिक कर सही उपयोग में लाया जा सकता है।
इस मौके पर जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम, मुख्य विकास अधिकारी डॉ0 अमित पाल शर्मा, उप निदेशक कृषि डी0के0 गुप्ता, सहायक निदेशक मत्स्य श्री विजय पाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ0 ए0के0 श्रीवास्तव, जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार शर्मा, डिप्टी आरएमओ देवेन्द्र सिंह, अधिशासी अभियन्ता विद्युत सर्वेश कुमार सिंह, जिला कृषि रक्षा अधिकारी जनार्दन कटियार, सहायक निदेशक रेशम श्री रणवीर सिंह, कृषि वैज्ञानिक डॉ0 मदनसेन सिंह, डॉ0 पी0के0 सिंह, डॉ0 शैलेन्द्र सिंह, मुकेश कुमार, पंकज कुमार, प्रगतिशील कृषक लाल तिवारी, बाबू लाल मौर्य सहित जिले के सभी विकास खण्डों के प्रगतिषील किसानगण व गणमान्य नागरिकगण मौजूद रहें।



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