दुग्ध विकास में रूचि न लेने वाले दुग्ध पर्यवेक्षक के खिलाफ शासन को भेजा जाए पत्र : डीएम

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । शासन की मंशा के अनुरूप विकास परक कार्यक्रमों, जन कल्याणकारी योजनाओं व लाभार्थीपरक कार्यक्रमों को समयबद्ध तरीके से पूरी पारदर्शिता व गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाय। कार्यदायी संस्थाओं पर शिथिल नियंत्रण रखने वाले वरिष्ठ अधिकारी कार्यों को मूर्त रूप देने के लिए ठोस कदम उठायें। विभागों के निर्माण कार्य को कार्यदायी संस्था पूरी जिम्मेदारी के साथ हर हाल में पूरा करायें। शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति हेतु सम्बन्धित अधिकारी पूरी संसाधन से लगकर अपने कार्यों को पूर्ण करने में लग जायें।

उक्त निर्देश जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम ने विकास कार्यक्रमों व मुख्यमंत्री के प्राथमिकता से सम्बन्धित बिन्दुओं की समीक्षा करते हुए सम्बन्धितों को दिये। बैठक में जिलाधिकारी ने विकास कार्यों, लाभार्थीपरक व जन कल्याणकारी योजनाओं की बिन्दुवार समीक्षा की। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी विभाग का कार्य करने में सम्बन्धित विभाग की वजह से कार्य बाधित हो रहा हों, तो आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्य को पूरा किया जाय। उन्होंने कहा कि आईजीआरएस, मुख्य मंत्री शिकायती पोर्टल, जन शिकायती आदि का निस्तारण ससमय गुणवत्ता पूर्वक किया जाय। समीक्षा बैठक में सामाजिक पेंशन, निराश्रित गौवंशों को गोवंश आश्रय स्थल में ले जाने व उनकी बेहतर देख-भाल, पशुओं की टैंगिंग व्यवस्था, पारदर्शी किसान सेवा योजना योजना, आयुष्मान भारत, प्रधान मंत्री किसान सम्मान योजना, सुपोषण योजना, प्रधान मंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, सरकारी भवन, पुल/रपटा, सड़क, आर0सी0सी0 निर्माण कार्य, स्कूलों का निर्माण, स्कूल कायाकल्प, निःशुल्क ड्रेस वितरण, निःशुल्क किताब वितरण आदि की बारी-बारी से समीक्षा करते हुए लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश सम्बन्धितों को दिया। दुग्ध विकास में रूचि न लेने वाले दुग्ध पर्यवेक्षक के खिलाफ शासन को पत्र भेजने के निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रभारी खण्ड विकास अधिकारी नये विकास खण्ड करमा व कोन में रोस्टर बनाकर बैठना सुनिश्चित करें। खण्ड विकास अधिकारी अपने-अपने विकास खण्ड क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की व्यवास्था शत प्रतिशत सुनिश्चित कराएँ, आदिवासी किसी भी हाल में चुआड का पानी न पीने पाएँ। जहाँ जरूरत हो वहा बिना देर किये शुद्ध पेयजल के लिए तत्काल व्यवास्था सुनिश्चित करायी जाय। उन्होंने जल व भूमि संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि जल संचायन व एक गाँव एक-बाग पर विशेष ध्यान दिया जाय।

बैठक में जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम के अलावा मुख्य विकास अधिकारी डॉ0 अमित पाल शर्मा, प्रभागीय वनाधिकारी संजीव कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र बहादुर सिंह, जिला विकास अधिकारी रामबाबू त्रिपाठी, डी0सी0 मनरेगा टी0बी0 सिंह, कार्यदायी संस्था के पदाधिकारीगण, जिला स्तरीय अधिकारीगण सहित अन्य सम्बन्धितगण मौजूद रहे।



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