कुम्हारों को अच्छी आय की उम्मीद, दीये लाएंगे खुशहाली की दीवाली

संजीव पांडेय (संवाददाता)

राजगढ़ । दीपावली नजदीक आते ही कुम्हारों के चाक घूमने लगे हैं। बड़ी संख्या में मिट्टी के दीये बनाने का कार्य कुम्हारों ने शुरू कर दिया है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से त्योहारों पर स्थानीय उत्पादों की खरीदारी किए जाने के आह्वान से इस बार कुम्हारों में ज्यादा बिक्री होने की उम्मीद जगी है। चीनी सामानों का बहिष्कार भी इनकी खुशहाली में चार चांद लगाने के लिए तैयार है।
दीपावली आगामी 14 नवंबर को मनाई जाएगी। इस अवसर पर दीपों से अपने घर-आंगन को सजाने की तैयारी लोगों ने शुरू कर दी है। बदलते ट्रेंड के साथ लोग डिजाइनर दीये भी खूब पसंद करने लगे हैं। वहीं चाइनीज दीयों से मोहभंग के चलते मिट्टी के दीयों की मांग बढ़ी है। भारतवर्ष में दीपावली को बड़े पर्व के रूप में मान्यता दी जाती है। दीपावली के समय कुम्हारों के चेहरे खिल जाते हैं क्योंकि दीया, कुल्हड़ और मिट्टी की घरिया और खेल-खिलौने बनाने का काम विश्वकर्मा पूजा से कुम्हारों के बीच शुरू हो जाता है। अबकी दीवाली कुम्हारों के लिए इसलिए खास लग रही है क्योंकि इस बार चीनी सामानों के विरोध के चलते फिर से बाजार में मिट्टी के दीये व खेल-खिलौनों की डिमांड बढ़ गई है। पांडेयपुर निवासी कुम्हार अनिल प्रजापति व दिलीप प्रजापति ने बताया कि सरकार द्वारा इलेक्ट्रानिक चाक दी गई है। इससे चक्का घुमाना नहीं पड़ता और कार्य भी जल्दी-जल्दी हो रहा है। विश्वकर्मा पूजा से अब तक हजारों की संख्या में दीपक बनाकर रख दिए हैं और पकाने की प्रक्रिया जल्द ही की जा रही है। दीपक बनाने को चाक ने पकड़ी रफ्तार दीपावली पर धन लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए मिट्टी के दीपक बनाने वाले कुम्हारों के चाक ने रफ्तार पकड़ ली है। उन्हें इस बार अच्छी बिक्री की उम्मीद है। मिट्टी के दीपक, मटकी आदि बनाने के लिए माता-पिता के साथ उनके बच्चे भी हाथ बंटा रहे हैं। कोई मिट्टी गूंथने में लगा है तो किसी के हाथ चाक पर मिट्टी के बर्तनों को आकार दे रहे हैं।



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