समस्त धान क्रय केन्द्रो पर अधिकतम 60 कुंतल वाले किसानों की प्राथमिकता पर खरीद की जाये सुनिश्चित – जिलाधिकारी

दीनदयाल शास्त्री (ब्यूरो)

पीलीभीत । शासन द्वारा निर्गत धान क्रय नीति के क्रम में जनपद में सीमान्त कृषकों (अधिकतम भूमि 01 हेक्टेयर तक ) से धान क्रय केन्द्रों पर प्राथमिकता के स्तर पर धान खरीद करने एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना की परिधि में अधिकाधिक किसानों को लाने के दृष्टिगत जिलाधिकारी पुलकित खरे द्वारा तत्काल प्रभाव से निम्न व्यवस्था लागू की गई हैंः- समस्त धान क्रय केन्द्रों पर अधिकत 60.00 कुंतल वाले किसानों की प्राथमिकता पर खरीद की जाये। यदि क्रय केन्द्रों पर टोकन के अनुसार बडे किसानों का नम्बर आता है तो उनसे भी एक बार में अधिकतम 60.00 कुंतल की खरीद की जाये तथा वहां मौजूद सीमान्त कृषको को प्राथमिकता दी जाये। क्रय केन्द्र प्रभारियों द्वारा सीमान्त किसानों द्वारा लाये गये गुणवत्तापूर्ण धान को किसी भी दशा में वापस न किया जाये ऐसे प्रकरण होने की दशा में केन्द्र प्रभारी तथा नोडल लेखपाल का उत्तर दायित्व तय किया जायेगा। जिलाधिकारी के आदेश सं0- 3205 दिनांक 03 नवम्बर 2020 के अनुपालन में समस्त लेखपालों द्वारा अपने क्षेत्र के सीमान्त कृषक की सूची तैयार कर उनका पंजीकरण एवं सत्यापन कराकर दूरभाष पर उन्हें बुलाकर केन्द्रों पर प्राथमिकता पर तौल कराई जाये। प्रतिदिन समस्त केन्द्र प्रभारी अपने जिला प्रबन्धकों के माध्यम से सीमान्त कृषकों से की जाने वाली खरीद की सूचना पृथक रूप से उपलब्ध करायेगें। समस्त लेखपाल भी अपने क्रय केन्द्रों पर सीमान्त कृषको से खरीदे जाने वाली धान खरीद की सूचना उप जिलाधिकारी के माध्यम से जिला खाद्य विपणन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) एवं धान खरीद कन्ट्रोल रूम को प्रत्येक सायं 6 बजे तक उपलब्ध करायें। इस बात की दैनिक समीक्षा उप जिलाधिकारी करें कि प्रत्येक लेखपाल/केन्द्र के क्षेत्रान्तर्गत आने वाले कुल धान के सीमान्त कृषक कितने है तथा कितनों को केन्द्र पर बुलवाकर न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के अन्तर्गत क्रय करवा दिया गया है। उक्त व्यवस्था विशेष अभियान के तौर दिनांक 19 नवम्बर 2020 तक लागू रहेगी।



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