जिलाधिकारी द्वारा पंजीकृत लघु एवं सीमान्त कृषकों की तहसीलवार की गई समीक्षा।

दीनदयाल शास्त्री (ब्यूरो)

पीलीभीत । जिलाधिकारी पुलकित खरे द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 के अन्तर्गत सरकारी धान क्रय केन्द्रों पर धान विक्रय करने वाले पंजीकृत लघु एवं सीमान्त कृषकों की स्थिति की तहसीलवार समीक्षा गई जिसमें स्थिति निम्नवत पाई गई। तहसील पीलीभीत सदर पंजीकृत कृषकों की संख्या 5616, धान विक्रय करने वाले कृषकों की संख्या 3462, अवशेष कृषक 2154, तहसील अमरिया पंजीकृत कृषक 7806, धान विक्रय करने वाले कृषकों की संख्या 1665, अवशेष कृषक 6141, तहसील बीसलपुर में पंजीकृत कृषक की संख्या 11098, धान विक्रय करने वाले कृषकों की संख्या 2847, अवशेष 8251, तहसील पूरनपुर में पंजीकृत कृषकों की संख्या 15194, धान विक्रय करने वाले कृषकों की संख्या 4519 अवशेष कृषक 10675 व तहसील कलीनगर में पंजीकृत कृषक 8757 धान विक्रय करने वाले कृषकों की संख्या 1331 अवेशष कृषक 7426 हैं।
इस प्रकार कुल पंजीकृत कृषक 48471, धान विक्रय करने वाले कृषकों की संख्या 13824 व अवशेष कृषक 34647 हैं।
जिलाधिकारी के द्वारा पूर्व निर्गत पत्र दिनांक 19 अक्टूबर 2020 के द्वारा अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) व समस्त उप जिलाधिकारी को प्रतिदिन अपनी अपनी तहसील क्षेत्रान्तर्गत मण्डी तथा अन्य स्थानों पर संचालित सरकारी धान क्रय केन्द्रों पर तैनात लेखपाल की प्रतिदिन सांय 6 बजे बैठक कर समीक्षा किये जाने तथा सम्बन्धित केन्द्र पर तैनात लेखपाल के द्वारा प्रतिदिन आगामी दिवस हेतु सम्बन्धित क्रय केन्द्र पर धान विक्रय करने वाले लघु एवं सीमान्त कृषकों की सूची (कृषक का नाम, मोवाइल नम्बर व पता) आदि का विवरण तैयार कर आगामी दिवस पर उक्त कृषकों का नियमानुसार पंजीकरण करते हुये धान विक्रय कराने के निर्देश दिये गये थे । उक्त पत्रानुसार अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) का यह भी दायित्व था कि उक्त कार्यो की दैनिक समीक्षा करते हुये पंजीकृत कृषकों का धान सरकारी क्रय केन्द्रों पर विक्रय कराये, किन्तु उपरोक्त तहसीलवार समीक्षा रिपोर्ट से स्पष्ट है कि आप द्वारा जिलाधिकारी के उपरोक्त पत्र दिनांक 19 अक्टूबर 2020 में वर्णित निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन न कराये जाने के कारण ही जनपद में कुल 48751 पंजीकृत कृषकों के सापेक्ष अब तक मात्र 13824 कृषकों के द्वारा ही सरकारी धान क्रय केन्द्रों पर धान विक्रय किया गया है। यह स्थिति अत्यन्त ही खेदजनक है, जो आपके पदेन दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही घोतक है।
अतः आपकी उक्त का कार्यशैली शासन के हित में न होने के फलस्वरूप आपको भविष्य के लिए अन्तिम रूप से सचेत करते हुये निर्देशित किया जाता है कि उपरोक्त पत्र दिनांक 19 अक्टूबर 2020 में वर्णित निर्देशों के अनुपालन में यह सुनिश्चित करायेगें कि प्रत्येक सांय 6 बजे सम्बन्धित लेखपालों की बैठक आहूत कर पंजीकृत लघु एवं सीमान्त कृषक का शत प्रतिशत धान सरकारी धान क्रय केन्द्रों पर विक्रय कराया जाना सुनिश्चित करेगें। अन्यथा की दशा में आप स्वयं उत्तरदायी होगें।



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