ऑनलाइन टोकन निरस्त होने से किसान आक्रोशित, राजकीय भंडारण गृह का किया घेराव

मुमताज़ खान संवाददाता


सुकृत। उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से विगत कई महीनों से हो रहे किसानों के फसल पंजीकरण और मिले टोकन को अचानक तुगलकी फरमान से निरस्त कर दिया गया है जिससे किसानों में आक्रोश है। अधिकारियों का कहना है की यह एक सरकारी फैसला है लेकिन वही किसानों का कहना है की उनके साथ बहुत बड़ा विश्वासघात हुआ है क्योंकि जो किसान पहले से टोकन प्राप्त कर चुके हैं वह उसी तिथि पर आश्रित है की उनकी फसल बिक्री होने की तिथि उन्हें मिल चुकी है लेकिन उन्हें बिना सूचना के ही उनका टोकन निरस्त कर दिया गया जिससे बड़ी भारी संख्या में किसान सोनभद्र जिले के ग्राम सभा लोहरा गुलरहवा में स्थित राजकीय भंडार गृह में पहुंचकर धरना दिया। इस दौरान किसानों की मांग है कि जितने पहले टोकन मिल चुके थे उन्हें फिर से बहाल किया जाए और उनकी फसल खरीदी जाए इस दौरान बहुत बड़ी संख्या में न्याय पंचायत बट बन्तरा सैकड़ो किसान राजकीय भंडार गृह के परिसर में धरना प्रदर्शन किए और संतोषजनक कार्यवाही की मांग की।

इस दौरान मौके पर मौजूद दशरथ लाल क्षेत्रीय विपणन अधिकारी ने कहा की बहुत जल्द ही कोई निष्कर्ष निकाल दिया जाएगा और उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों और किसानों के आपसी सामंजस्य और विचार विमर्श से जो पिछले टोकन थे उनकी बहाली नए डेट से की जाएगी तत्पश्चात नए सिरे से टोकन दिया जाएगा। ज्ञात रहे कि धान की फसल की मड़ाई युद्ध स्तर पर चल रही है धान क्रय केंद्रों का यही रवैय्या रहा तो किसान अपनी मेहनत की फसल को औने पौने दाम बेचने को मजबूर हो जाएंगे।



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