हाथियों ने छत्तीसगढ़ के झापर में छः किसानों के फसलों को पहुचायी क्षति

राजेश कुमार (संवाददाता)


बभनी।छत्तीसगढ़ के सेन्चुरी के जंगलो से भटक आए हाथियों का दल किसानों की फसलों को क्षति पहुचा रहे है वही जान माल का भी खतरा बना हुआ है।

छत्तीसगढ़ की सीमावर्ती गाव मे हाथियों का भय कम नही हो रहा महिने दो महिने मे हाथियों का झुण्ड सीमावर्ती गाव के जंगलों का सहारा लेकर उत्पात मचा रहे है।शनिवार की रात चरचरी के जंगलो से निकल कर पन्द्रह हाथियों का दल बगल के गांव झापर पहुंच गये।जहा पर सात किसानों की फसलों को रौद दिया और धान की फसल को खा गये।मिली जानकारी के अनुसार हाथियों के झुण्ड मे छोटे बच्चे भी सामिल है।हाथियों का दल रात होते ही हाथी बगल के गाव मे उतर जा रहे है और हगामा मचा रहे है।इस समय खेतों मे धान की फसल तैयार है।छत्तीसगढ़ शासन फसल नुकसान व मकान की क्षति पुर्ति तत्काल कर रही है लेकिन बभनी वन रेंज मे साल भर पहले हुई क्षति का भी मुआवजा आज तक नही मिल सका।

छत्तीसगढ़ रघुनाथ नगर परिक्षेत्र के वन क्षेत्राधिकारी राम शरन राम ने बताया कि छापर मे सात किसानों की फसल हाथियों ने बर्बाद की है।हाथी झापर पर के जंगल मे है।

सोनभद्र के कोड़ार के जंगलों मे हाथियों ने डाला डेरा

बभनी छत्तीसगढ़ सीमा से सटे बीजपुर थाना क्षेत्र के कोडार गांव में भी हाथियों के उत्पात की सूचना मिली है।

शनिवार की रात हाथियों का एक दल छत्तीसगढ़ के छापर मे होने की सुचना मिली तो दुसरा दल बीजपुर थाना क्षेत्र के कोडार गांव मे होने की सूचना मिली है।वन विभाग ने बताया कि सुग्रीम वैश्य की धान की फसल को हाथियों ने नुकसान पहुचाया है।टीम ग्रामीणों की मदद से हाथियों को कोडार के जंगलो मे खदेड़ दी।

वन विभाग के रमजान खान वाचर ने बताया कि शनिवार की रात दर्जनों की झुंड में हाथियों की दल गांव मे पहुच गयी।वही जरहा रेंज के डिप्टी रेंजर बालमुकुंद मिश्रा ने बताया कि हाथी सुबह नेमना कोडार के जंगल मे नाले के पास देखे गये है।



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