बारावफात का जुलूस न निकाल जामा मस्जिद मे जश्ने ईद मिलादुन्नबी का किया गया प्रोग्राम

घनश्याम पांडेय/विनीत शर्मा(संवाददाता)

चोपन। मोहम्मद साहब के यौमे पैदाइश के अवसर पर शुक्रवार को कोविड-19 कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जहां शासन द्वारा जारी गाईडलाईन के अनुसार जुलूस निकालने पर रोक लगा दी गई थी परन्तु मुस्लिम भाईयों ने मस्जिद को, अपने अपने घरो व मुहल्लों को दुल्हन की तरह सजाया वही शाम को जामा मस्जिद मे जश्ने ईद मिलादुन्नबी का प्रोग्राम रखा गया जहाँ मौलाना नजिरूल कादरी ने नबी की शान मे बारह रवी उल अव्वल पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बारह रवी उल अव्वल का दिन इंसानियत के इतिहास में खास मुकाम हासिल रखता है ये रवि उल अव्वल उर्दू का महीना है इसमें आज ही के दिन अल्लाह के नबी मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहेवसल्लम की यौमे पैदाइश अरब के सरजमीं पर हुआ था और आज ही के दिन नवी की वफात भी हुई थी जिसके कारण इसे आज के दिन नवी सल्लाहऊल्लाह अलैहिवसल्लम के यौमे पैदाइश को ईद मिला दुन्नवी भी कहा जाता हैं ।

वही हाफिज़ व कारी फुजैल साहब अजहरी ने नबी की शान मे मनकबत के नजराने अकीदत पेश किये वही अन्त मे जामा मस्जिद के पेश इमाम सद्दाम हुसैन कादरी ने बाहर से आये हुये मेहमानो का ईस्तकबाल किया व अन्त मे सभी मुस्लिम बन्धुओं ने अल्लाह की बारगाह मे रो – रोकर कोविड-19के बढ़ते प्रकोप से मुल्क की सलामती के लिए दुआएं मांगे। इस अवसर पर चेयरमैन प्रतिनिधि उस्मान अली,जामा मस्जिद के सदर लल्लन कुरैशी,अंजुमन सेक्रेट्री महफूज आरिफ , ईदु भाई, हाजी सरफराज अहमद,समाजसेवी हैदर खान,हाजी ग्यासुद्दीन,रियाज अहमद, रिजवान अहमद,अनीस अहमद,अनवर कुरैेशी, सलीम कुरैशी, सरफराज अहमद,सभासद मोजिब आलम ,नजमुद्दीन इदरीसी, नाजिम खान,सर्फुद्दिन,के साथ ही भारी संख्या में मुस्लिम बन्धु मौजूद रहे ।



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