कार्य में लापरवाही के आरोप में एक आँगनबाड़ी कार्यकर्ती तथा पाँच सहायिकाएँ बर्खास्त

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

जिलाधिकारी ने किया आंगनबाड़ी कार्यकर्ती और पांच सहायिकाओं की सेवाएं समाप्त

चोपन परियोजना की दो क्षेत्रीय मुख्य सेविकाओं को शिथिल पर्यवेक्षण के लिए दिया गया प्रतिकुल प्रविष्टि

● शत प्रतिशत पोषाहार वितरण नहीं करने वाली दो आँगनबाड़ी कार्यकर्तियों से वसूले गए ₹69286/-

सोनभद्र । जिले भर के आंगनबाड़ी केन्द्रों में चल रही लापरवाही पर अब जिला प्रशासन सख्त होता दिखाई दे रहा है। विदित हो कि सबसे ज्यादा लापरवाही ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों में देखने को मिल रहा है। यहाँ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की लापरवाही के कारण बच्चों को शासन की पोषण आहार जैसी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।

इसी क्रम में आज आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में लापरवाही सामने आने के बाद कड़ी कार्रवाई हुई है। जिले की एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ती समेत पांच सहायिकाओं को जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम ने बर्खास्त कर दिया है।

वहीं नियमित जाँच में चोपन परियोजना की क्षेत्रीय मुख्य सेविकाओं को शिथिल पर्यवेक्षण के कारण प्रतिकूल प्रविष्टि प्रदान करते हुए इसकी जाँच बाल विकास परियोजना अधिकारी चोपन को सौंप दिया है।

इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि “नियमित रूप से आंगनबाड़ी केन्द्र पर न आने वाली 5 सहायिकाओं एवं पोषाहार का नियमित एवं निर्धारित मात्रा में वितरण न करने वाली एक आंगनबाड़ी कार्यकत्री की जिलाधिकारी के अनुमोदनोपरान्त पर मानदेय आधारित सेवा समाप्त कर दी गयी है। जिसमें नगवां विकास खण्ड के शिकरवार की आंगनवाड़ी कार्यकत्री शंकुतला देवी द्वारा नियमित रूप से एवं निर्धारित मात्रा में पोषाहार का वितरण लाभार्थियों को नही किया जा रहा था। विभिन्न जारी नोटिस का जवाब संतोषजनक न देने के कारण उनकी सेवा समाप्त कर दी गयी है। विकास खण्ड चोपन के आंगनबाड़ी केन्द्र ललमटिया (जुगैल) की आंगनबाड़ी सहायिका विगत कई माह से लगातार अनुपस्थित थी, नोटिस का जवाब न देने एवं नियमित रूप से केन्द्र पर न आने के कारण सेवा समाप्त कर दी गयी है। शहर परियोजना के नगर पंचायत दुद्धी के वार्ड नं0 3 की आंगनबाड़ी सहायिका प्रमिला देवी विगत कई माह से केन्द्र पर नहीं आ रही थी और न ही नियमित रूप से बच्चों एवं महिलाओं को विभागीय योजनाओं लाभान्वित करने के लिए बुलाने नहीं जाती थी, जिसके कारण उनकी सेवा समाप्त कर दी गयी। शहर परियोजना के नगर पंचायत चोपन के वार्ड नं0 4 की आंगनबाड़ी सहायिक श्वेता शर्मा लंबे समय से अनुपस्थित चल रही थी, विभाग द्वारा जारी नोटिस का कोई जवाब न देने के कारण उनकी मानदेय आधारित सेवा समाप्त कर दी गयी है। शहर परियोजना के नगर पंचायत ओबरा की आंगनवाड़ी सहायिका सुनीता तिवारी नवम्बर, 2018 से लगातार केन्द्र पर अनुपस्थित रही है। जारी विभिन्न नोटिसों का जवाब सुनीता तिवारी द्वारा दिया गया जो असंतोषजनक एवं साक्ष्य रहित था, जिसके कारण उनकी सेवा समाप्त कर दी गयी है। विकास खण्ड दुद्धी के आंगनबाड़ी केन्द्र पतरिहा (प्रथम) की आंगनबाड़ी सहायिका गुलाबी देवी पिछले कई माह से अनुपस्थित चल रही थी तथा टीकाकरण एवं पोषाहार वितरण में आंगनबाड़ी कार्यकत्री का सहयोग नहीं कर रही थी, जिसके कारण उनकी सेवा समाप्त कर दी गयी। इस प्रकार एक आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं 5 सहायिकाओं को दोषी मानते हुए नियमानुसार सेवा समाप्ति की गयी है।”

वहीं उन्होंने आगे बताया कि “जिलाधिकारी ने निर्देशानुसार नियमित केंद्र के निरीक्षण के दौरान चोपन विकास खण्ड के आंगनबाड़ी केन्द्र पकरी की कार्यकत्री अन्तिमा देवी तथा आंगनबाड़ी केन्द्र मगरदहा की कार्यकत्री गीता देवी द्वारा शत-प्रतिशत लाभार्थियों को पोषाहार वितरण नहीं किया जाना पाया गया। जिस क्रम में बाल विकास परियोजना अधिकारी चोपन द्वारा क्षेत्रीय मुख्य सेविका के साथ संयुक्त रूप से जॉच कर आंगनबाड़ी कार्यकत्री अन्तिमा देवी से कुल ₹33646/- तथा आंगनबाड़ी कार्यकत्री गीता देवी से कुल ₹35640/- विभागीय हेड में जमा कराया गया साथ ही शिथिल पर्यवेक्षण के कारण चोपन परियोजना की क्षेत्रीय मुख्य सेविका पुष्पा देवी एवं विनिता देवी को प्रतिकूल प्रविष्टि प्रदान करने की संस्तुति सक्षम स्तर से करते हुए। प्रकरण की विस्तृत जाँच कर आख्या देने के लिए बाल विकास परियोजना अधिकारी चोपन को निर्देशित किया गया है। प्रकरण में दोषी पाये जाने पर सम्बन्धित मुख्य सेविका के विरूद्ध कठोर अनुशासनात्मक विभागीय कार्यवाही हेतु पत्र निदेशालय एवं शासन को प्रेषित किया जायेगा।”



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