सीएमओ की कार्यप्रणाली ने स्वास्थ्य विभाग को पहुंचाया वेंटिलेटर तक : धर्मवीर तिवारी

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

● बड़ी संख्या में डॉक्टर घर बैठे ले रहे हैं तनख्वा

● जिले में फर्जी पैथोलॉजी, नर्सिंगहोम व झोलाछाप डॉक्टर की भरमार

● कर्मचारी ऑफिस के बजाय कैम्प ऑफिस में करते हैं काम

सोनभद्र । कोरोना जैसी वैश्विक महामारी निश्चित तौर पर पूरे देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व पर प्रभाव डाला है। इस वैश्विक महामारी में जहां प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक लोगों को राहत पहुंचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे, वहीं कुछ लोग इसे अवसर मानकर लूट मचाये हुए हैं। ऐसे लोग शायद यह भूल गए कि महामारी में सरकार ने बेहतर काम करने वालों की सराहना भी की है तो भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही भी की है । उक्त बातें भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी ने कहा। धर्मवीर तिवारी ने कहा कि सोनभद्र में भी स्वास्थ्य व्यवस्था न सिर्फ बेपटरी हो चुकी है बल्कि धीरे-धीरे भ्रष्टाचारियों ने इसे वेंटिलेटर पर पहुंचा दिया है ।

जिस तरीक़े से हाल के दिनों में स्वास्थ्य विभाग की एक रिपोर्ट वायरल हुआ है, जिसमें स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा कई सीएचसी-पीएचसी का निरीक्षण किया गया तो कई अस्पतालों में डॉक्टर व स्टाफ गायब मिले । जांच में पता चला कि कई डॉक्टर तो आज तक जॉइन ही नहीं किये और कई घर बैठकर तनख्वा ले रहे हैं लेकिन सीएमओ द्वारा शासन को भेजी जाने वाली रिपोर्ट बदलकर सबकुछ ठीक दिखाया जा रहा है। आखिर रिपोर्ट बदलकर सीएमओ क्या दिखाना चाहते हैं। खुद की वाहवाही लूटकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।

पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा में कहा कि इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और लापरवाह डॉक्टरों के साथ जांच रिपोर्ट बदलने वालों पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए ।

धर्मवीर तिवारी ने कहा कि जिले में सीएमओ की कार्यप्रणाली सरकार विरोधी है। उनके कार्यप्रणाली सरकार को बदनाम करने वाली प्रतीत होती है । उन्होंने कहा कि जनपदीय ड्रग वेयर हाउस में जिस तरह से सामानों को बर्बाद किया गया उस पर अभी तक दोषियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई।

जबकि तस्वीरें बता रही है कि चाहे मलेरिया की दवा De-larve को एक्सपायरी कर देने का मामला हो या फिर सर्जिकल आइटम को सड़ा देने का मामला, आखिर किसके इशारे ओर और क्यों बर्बाद कर दिया गया इसकी भी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए ताकि सभी दोषियों पर कार्यवाही हो सके, जो सरकार विरोधी कार्यों में लिप्त हैं।

जिले में फर्जी नर्सिंग होम का मामला हो मामला हो या फिर बड़ी संख्या में खोले झोलाछाप डॉक्टरों का मामला हो, किसी पर कार्यवाही नहीं जाती। इससे साफ है कि सीएमओ व उनके कार्यालय में काम करने वाले स्टाफ भी उन्हीं की तरह तर्ज पर या फिर उनके इशारे पर काम कर रहे हैं।

धर्मवीर तिवारी ने कहा कि वे इस पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर कार्यवाही की मांग की है ताकि सरकार को बदनाम करने व सरकार विरोधी काम करने वालों पर सख्त कार्यवाही हो सके।



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