दशहरा व मूर्ति विसर्जन से पहले की गई मजिस्ट्रेटों की तैनाती

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । दशहरा और श्री रामनवमी इस बार एक ही दिन 25 अक्टूबर को ही मनाए जाएंगे। इसका कारण है कि 25 अक्टूबर को दिन के समय श्रीराम नवमी का पहर है और रात से लेकर दूसरे दिन सुबह तक दशमी का पहर होगा और सुबह के बाद एकादशी का पहर शुरू हो जाएगा। इसलिए नवरात्र 24 तक होंगे और 25 को श्री रामनवमी व रात के समय दशमी शुरू होगी। दशहरा और श्री रामनवमी के दौरान शांति व्यवस्था के दृष्टिगत जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम ने एक आदेश जारी करते हुए क्षेत्रवार मजिस्ट्रेटों तथा एक पुलिस अधिकारी की नियुक्ति किया है।

जिलाधिकारी ने बताया कि “जनपद सोनभद्र के सम्पूर्ण क्षेत्र में निषेधाज्ञा अन्तर्गत धारा 144 दं0प्र0सं0 1अक्टूबर से 31दिसम्बर तक प्रभावी है। इसलिए रामनवमी व विजय दशमी के दौरान कानून व्यवस्था के अनुपालन हेतु मजिस्ट्रेटों के साथ पुलिस अधिकारी की नियुक्ति की गई है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि में स्थापित दुर्गा प्रतिमायें दशहरे के दिन जूलूस अथवा शोभा यात्रा के रुप में ले जाकर पवित्र नदियों/सरोवरों में विसर्जित की जाती हैं। दशहरा पर्व के पूर्व रामलीला समितियों द्वारा रामलीला का मंचन किया जाता है साथ ही दशहरे के दिन विभिन्न स्थानों पर मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में पुरुष, औरतें, बच्चों आदि की उपस्थिति रहती है। यद्यपि इस वर्ष कोविड -19 संक्रमण की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए बचाव हेतु लागू समस्त उपायों को प्रभावी बनाये रखने हेतु शासन द्वारा निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार ही पर्व/कार्यक्रम अनुमन्य है फिर भी सम्पूर्ण जनपदीय सीमान्तर्गत लोक प्रशान्ति व विधि व्यवस्था व साम्प्रदायिक सौहार्द्र बनाए रखने के उद्देश्य से क्षेत्रवार मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति की गई है। मजिस्ट्रेट नियुक्त क्षेत्रों में शांति एवं विधि व्यवस्था हेतु भ्रमणशील रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।



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